झज्जर। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। हरिद्वार और नीलकंठ से कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षित गुजरने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक कांवड़ यात्रियों वाले 10 प्रमुख मार्गों पर पीसीआर, राइडर और पुलिस टीमों की 24 घंटे गश्त रहेगी। कांवड़ सेवा शिविरों का नियमित निरीक्षण होगा। डीसीपी मुख्यालय दीप्ति गर्ग ने बताया कि शिविर मुख्य सड़क से 50 फीट दूर और सड़क की बाईं ओर लगाए जाएंगे। मार्ग बाधित होने पर वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की जाएगी।
महिला पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगेगी
डीसीपी ने बताया कि महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। किसी भी श्रद्धालु को अवैध हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। सभी कांवड़ सेवा शिविरों के संचालकों को प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और एक रजिस्टर रखा जाए जिसमें शिविर में आने वाले प्रत्येक कांवड़ यात्री का विवरण दर्ज किया जाए।
जिले के प्रमुख कांवड़ मार्ग...
सांपला-रेवाड़ी रोड (छारा, जोंधी, झज्जर, सुबाना होते हुए कोसली)
झज्जर-रेवाड़ी मार्ग (माछरौली, कुलाना)
रोहतक-डीघल-बेरी-छूछकवास-सासरोली
रोहतक-झज्जर (डीघल, महराना चौक, दुजाना)
सोहटी बॉर्डर-बहादुरगढ़ (कानौंदा, कुलासी)
रोहतक-बेरी (रिटोली, कबूलपुर)
सांपला-बेरी (बहराना, डीघल)
झज्जर-दुल्हेड़ा-कबलाना
सोनीपत से केएमपी होते हुए गुरुग्राम
बहादुरगढ़-बादली (गुभाना, माजरी)