जर्मन युवती से गैंगरेप मामले में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद पेरोल लेकर फरार हुए हरप्रीत सिंह उर्फ दल्ली को क्राइम ब्रांच ने शनिवार को सेक्टर 42/43/52/53 केचौक से गिरफ्तार कर लिया। हरप्रीत के साथ स्विफ्ट गाड़ी में उसका साथी अंबाला निवासी ओंकार भी पकड़ा गया है।
पेरोल पर बाहर निकलते ही हरप्रीत सिंह उर्फ दल्ली ने ओंकार सिंह के साथ मिलकर चोरी और लूट की वारदातें की थीं। पुलिस ने उनसे चोरी की स्विफ्ट गाड़ी भी बरामद की है।
स्विफ्ट को हरप्रीत और ओंकार सिंह ने 16 जून को अंबाला से चोरी की थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने सेक्टर-36 थाने में चोरी की गाड़ी पर जाली नंबर लगाने पर हरप्रीत उर्फ दल्ली और ओंकार सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस दोनों को रविवार को अदालत में पेश करेगी।
क्राइम ब्रांच इंचार्ज सतबीर सिंह ने बताया कि जर्मन युवती से गैंगरेप मामले में पेरोल पर फरार हुए हरप्रीत के चंडीगढ़ आने की सूचना मिली थी। पुलिस ने शनिवार को सेक्टर 42/43/52/53 केचौक पर नाका लगाया।
तभी वहां मोहाली की ओर से स्विफ्ट आई। पुलिस ने गाड़ी रोककर ड्राइवर ओंकार सिंह से कागजात मांगे तो उन्हें शक हुआ। पता चला कि गाड़ी चोरी की थी। पुलिस ने ओंकार सिंह और हरप्रीत सिंह को दबोच लिया।
जांच में सामने आया कि गाड़ी का असली नंबर एचआर 01एडी 0600 है। इसकी चोरी का मामला 16 जून 2013 को अंबाला के सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज है।
जेल से निकलते ही बनाया था गैंग
हरप्रीत सिंह ने 2 जनवरी 2012 को पेरोल पर बाहर निकलते ही अंबाला निवासी ओंकार सिंह के साथ मिलकर गिरोह बना लिया था। पूछताछ में हरप्रीत सिंह ने बताया कि उनके गिरोह में पांच युवक शामिल हैं।
उन्होंने सबसे पहले अंबाला से स्विफ्ट कार चोरी की। उसके बाद उन्होंने डेराबस्सी के सागोली गांव के पेट्रोल पंप पर लूट की। पेरोल लेकर फरार हुए हरप्रीत सिंह उर्फ दल्ली, सुखविंदर सिंह और सोमपाल पर चंडीगढ़ पुलिस ने 50 हजार रुपये इनाम रखा था।
ऐसे हुए फरार
-हरप्रीत 2 जनवरी 2012 को संगरूर जेल से बाहर आया था, लेकिन वापस नहीं गया
-18 जुलाई को बुडै़ल जेल से सुखप्रीत उर्फ सुखी पेरोल पर बाहर आया
-सोमपाल फरीदकोट जेल से 27 सितंबर को पेरोल पर आया और जेल नहीं गया
यह था मामला
सितंबर 2008 को जर्मन युवती का अंबाला निवासी हरप्रीत, सुखविंदर, सोमपाल, पंकज और जॉली ने सेक्टर-17 स्थित होटल ताज से अपहरण कर सामूहिक दुराचार किया था। 4 जनवरी 2009 को अदालत ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।