24jjrp06- शहर में प्रदर्शन करते विभिन्न संगठनों के सदस्य। स्रोत : संगठन
झज्जर। जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज और महिलाओं से बदसलूकी के विरोध में शहर में प्रदर्शन हुआ। विभिन्न संगठनों ने अनुशासित प्रदर्शन पर आंसू गैस और वाटर कैनन के इस्तेमाल की निंदा की। इस प्रदर्शन में सीटू, सर्व कर्मचारी संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ और अखिल भारतीय किसान सभा जैसे संगठन शामिल रहे।
न्याय संघर्ष समिति के संयोजक रमेश जाखड़ ने बताया कि युवाओं को न्याय देने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने नई शिक्षा नीति रद्द करने की भी मांग उठाई। परीक्षाओं में हो रही धांधलियां बंद करने और दोषियों को सजा देने की बात कही गई। परीक्षा या तंत्र की वजह से जान गंवाने वाले बच्चों को उचित मुआवजा देने की मांग भी शामिल थी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। रमेश जाखड़ ने कहा कि समाज चाहता है कि शिक्षा से जुड़े युवाओं के साथ धोखाधड़ी न हो। उन्होंने सत्ता से सार्वजनिक क्षेत्रों को मजबूत करने और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।
प्रदर्शन में सीटू प्रधान किरण बरहाना मौजूद रहीं। एसकेएस जिला प्रधान रामबीर भी इस दौरान उपस्थित थे। रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रधान दिलबाग दलाल ने भी हिस्सा लिया। राजबीर राहड़, राजेंद्र जुलाना और संदीप मारौत भी प्रदर्शन में शामिल थे। अनिता भागलपुरी, प्रवेश मातनहेल और विष्णु जांगड़ा भी वहां मौजूद रहे।