धान की फसल का उचित दाम नहीं मिलने पर किसानों ने किया प्रदर्शन
खुर्जा। नगर स्थित नवीन मंडी में सोमवार को धान की फसल का उचित दाम नहीं मिलने पर किसानों ने हंगामा कर दिया। भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियो ने किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया। मंडी समिति के पदाधिकारी और पुलिस ने आढ़ती को उचित दाम देने के निर्देश दिए, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
मदनपुर गांव में रहने वाले जयपाल सिंह सहित अन्य किसान सोमवार को खुर्जा स्थित नवीन मंडी में आढ़ती को धान बेचने आए थे। उन्होंने बताया कि गांव से करीब 125 क्विंटल धान लेकर आए थे। मंडी स्थित पुलिस चौकी पर धान बेचने के लिए आढ़ती को बुलाया गया था। एक आढ़ती आया था। उसने धान में दस फीसदी 1509 और 90 फीसदी शरबती धान का मिश्रण बताया। शरबती धान की कीमत बाजार में कम होने के कारण उसने खरीदने के लिए इंकार कर दिया। इसके बाद उसके तीन साथी और आने थे, जो धान का सही दाम बताते। आरोप है कि अन्य आढ़ती के आने से पहले वहां मौजूद चौकी इंचार्ज ने आढ़ती को जाने के लिए बोल दिया। आढ़ती को वहां से भेजे जाने की बात पर मौजूद किसान नाराज हो गए। किसानों का कहना है कि यदि आढ़ती नहीं खरीदेंगे तो वह धान कहां बेचेंगे। सूचना पर भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकरी भी पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष बब्बन चौधरी, सुरेश रावत, विक्रम, नीटू, लाल सिंह, श्यामेंद्र, अमर सिंह मौजूद रहे।
चौकी इंचार्ज पर लगाए आरोप
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि चौकी इंचार्ज धान पर आढ़ती से लेन-देन करते हैं। धान को बेचने और खरीदने का निर्णय लेते हैं। धान का दाम नहीं मिलने पर किसानों ने पुलिस को बेचने की मांग रखी। हंगामे की सूचना पर कोतवाली प्रभारी नीरज सिंह मौके पर पहुंचे। किसान नवेंद्र ने बताया कि धान के प्रकार पर अलग-अलग दाम रहते हैं। इसमें सबसे बेहतर 1121, इसके बाद 1509 और 1110 रहती है। शरबती का दाम सबसे कम रहता है।
धान का सैंपल जांच के लिए भेजा
खुर्जा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज सिंह ने बताया कि किसानों और आढ़ती के बीच उचित दाम नहीं मिलने को लेकर विवाद था। इसमें मंडी समिति के लोगों ने धान का सैंपल जांच के लिए भेज दिया है, जिसमें किस किस्म की धान है और कितना मूल्य रहेगा, इसको लेकर आढ़ती को बता दिया जाएगा और वह खरीद लेंगे। इस बात पर दोनों पक्ष सहमत हैं।
बोले किसान
जानबूझ कर कमी बताते हैं आढ़ती
आढ़ती खराब किस्म या मिश्रण बताकर धान को सस्ते दामों में खरीद लेते हैं। इनको फिर बाजार में महंगे दाम पर बेचते हैं। यदि किसान विरोध करते हैं तो धान खरीदने से इंकार कर देते हैं। ऐसे में मजबूरी में किसान सस्ते दाम पर धान बेच रहे हैं।
- बब्बन चौधरी, जिलाध्यक्ष, भाकियू
सस्ते दाम पर खरीदना चाहता था आढ़ती
1509 धान का मूल्य 3150 प्रति क्विंटल और शरबती का 2200 प्रति क्विंटल है। आढ़ती ने शरबती धान के हिसाब से खरीदने की बात कही थी। इससे इंकार किया तो आढ़ती ने धान खरीदने से मना कर दिया। ऐसे में किसान धान को कहां बेच सकता है।
- सुरेश रावत, किसान