वाहनों से निकल रहे जहरीले धुएं के कारण फैल रहे प्रदूषण को रोकने के लिए अगर समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो वह दिन दूर नहीं जब देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में हिल्सक्वीन शिमला का नाम भी शुमार हो जाएगा। इतना ही नहीं हैरत की बात तो यह है कि हिल्सक्वीन की आबोहवा में जहर घोलने का काम कोई और नहीं बल्कि सरकारी महकमों की गाड़ियां ही कर रही हैं।
परिवहन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस प्रशासन की ओर से चलाए गए संयुक्त निरीक्षण अभियान के दौरान नगर निगम शिमला की पिकअप और एचआरटीसी की एक बस को तय मानकों से अधिक प्रदूषण फैलाते हुए पकड़ा गया है।
नगर निगम के आग्रह पर विभागों ने संयुक्त रूप से शनिवार को शोघी में नाका लगा कर वाहनों का प्रदूषण जांचा। निरीक्षण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता अभय गुप्ता ने स्मोक मीटर के जरिये वाहनों के प्रदूषण की जांच की।
नगर निगम की पिकअप का एचएसयू ‘85’
निरीक्षण के दौरान नगर निगम की पिकअप का एचएसयू (हर्ट्रिडिज स्मोक यूनिट) 85 पाया गया जो कि सामान्य से 10 एचएसयू अधिक है। डीजल वाहनों में एचएसयू 65 से अधिक नहीं होना चाहिए। इसी तरह एचआरटीसी बस का का एचएसयू भी 65 से बहुत अधिक था। निरीक्षण के बाद दोनों वाहनों के चालान काटे गए।
डिप्टी मेयर की बैठक में लिया था निरीक्षण का फैसला
नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि परिवहन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस विभाग और नगर निगम महीने दो बार वाहनों का निरीक्षण कर प्रदूषण की मात्रा जांचेंगे और प्रदूषण फैलाने वालों के
खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शनिवार को शोघी में नाका लगा कर दोपहर एक बजे तक परिवहन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस कर्मी नगर निगम के प्रतिनिधियों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं आई।
मैंने कहा, एमसी की गाड़ियों से करो शुरूआत
शहर में गाड़ियों के कारण फैल रहे प्रदूषण को लेकर हमें शिकायतें मिली थीं। जिसके बाद संबंधित विभागों के साथ निरीक्षण अभियान चलाने का फैसला लिया गया। निरीक्षण अभियान नगर निगम की गाड़ियों से शुरू करने को मैने ही कहा था।
सबसे ज्यादा सरकारी महकमों की गाड़ियां प्रदूषण फैला रही है इन पर सबसे पहले कार्रवाई होगी। शनिवार को व्यस्तता के चलते हमारे अफसर अभियान में भाग नहीं ले सके, अगली बार हमारे लोग निरीक्षण में जरूर भाग लेंगे। -टिकेंद्र सिंह पंवर, डिप्टी मेयर, नगर निगम शिमला
पिकअप और बस का एचएसयू पाया गया अधिक: रविंद्र
निरीक्षण के दौरान नगर निगम की पिकअप और एचआरटीसी बस का एचएसयू सामान्य से अधिक पाया गया जिसके बाद वाहनों के चालान किए गए। प्रदूषण जांच का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। -रविंद्र कुमार शर्मा, अतिरिक्त, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी
हर महीने दो बार करेंगे वाहनों का निरीक्षण: शांडिल
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हर महीने दो बार वाहनों का पाल्यूशन जांचेगा। पाल्यूशन जांचने के लिए हमारे पास स्मोक मीटर उपलब्ध है, हालांकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई परिवहन विभाग और पुलिस ही कर सकती है। -एसके शांडिल, इनवायरमेंट इंजीनियर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड