संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। अदालत ने हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में जेल में बंद आरोपी मुकेश की दो दिन की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि अदालत ने मानवीय आधार पर जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि आरोपी को सुरक्षा व्यवस्था के साथ संबंधित बैंक ले जाकर उसका गोल्ड लोन जमा करवाने की प्रक्रिया पूरी करवाई जाए।
मामले की सुनवाई अवकाशकालीन न्यायाधीश एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुमित गर्ग की अदालत में हुई। आरोपी मुकेश ने याचिका में बताया था कि उसने आईसीआईसीआई बैंक की झज्जर शाखा से लगभग 14.64 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया हुआ है, जिसकी अंतिम तिथि 21 जून है। समय पर भुगतान न होने की स्थिति में उस पर भारी ब्याज बढ़ने का खतरा है, इसलिए उसने दो दिन की अंतरिम जमानत की मांग की थी।
अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध किया। सुनवाई के दौरान बैंक प्रबंधन ने भी बताया कि ऋण चुकाने के लिए आरोपी की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है। अदालत ने कहा कि आरोपी पर हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं और थाना माछरौली में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। रिकॉर्ड के अनुसार वह धर्मेंद्र नामक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया, लेकिन यह निर्देश दिया कि पुलिस सुरक्षा में एक सप्ताह के भीतर गोल्ड लोन की अदायगी सुनिश्चित की जाए।