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पीडीपी-भाजपा सरकार के समक्ष चुनौतियों में इजाफा

Mon, 02 May 2016 11:33 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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- फोटो : Amar Ujala
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रियासत की पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को निकट भविष्य में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इनमें अनंतनाग उप चुनाव में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सामने मतदाताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी। 
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छह महीने के भीतर निकाय और पंचायती चुनाव भी करवाने होंगे। इसके अलावा 25 मई से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में विपक्ष के सवालों की बौछारों का सामना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं होगा। बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस सचिवालय का घेराव भी करेगी।

राज्य प्रशासन की कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं होने की दलील के चलते चुनाव आयोग ने 16 मई को होने वाले अनंतनाग उप चुनाव को स्थगित तो कर दिया है, लेकिन, सात जुलाई से पहले उप चुनाव होना ही है। 
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श्री अमरनाथ यात्रा भी होगी चुनौती

अमरनाथ यात्रा - फोटो : PTI
ऐसे में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सामने यहां के मतदाताओं का विश्वास हासिल करना पहली और सबसे बड़ी चुनौती होगी। हाईकोर्ट की खंडपीठ की ओर से रियासत में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव कीछह महीनों में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश से भी सरकार के समक्ष चुनौतियां बढ़ गईं हैं। 

सरकार में शामिल दोनों दलों के लिए जमीनी स्तर पर चुनाव का माहौल तैयार करने के साथ ही मतदाताओं में अपनी पैठ को मजबूत करना भी एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी। 25 मई से मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अगुवाई वाली पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार का श्रीनगर में पहला विधानसभा सत्र होने जा रहा है। 

इसमें नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के सवालों की बौछार का जवाब देने की चुनौती भी सरकार के समक्ष रहेगी। विशेषकर एनआईटी विवाद और हंदवाड़ा फायरिंग का मामला सदन में गूंजेगा जिसपर सरकार को जवाब देना होगा।

 दो जुलाई से शुरू होने जा रही वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा को बेहतर और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित करवाना भी सरकार के लिए कठिन चुनौती होगी, क्योंकि इस यात्रा पर हमेशा आतंकियों की निगाह रहती है। 
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