रियासत की पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को निकट भविष्य में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इनमें अनंतनाग उप चुनाव में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के सामने मतदाताओं का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
छह महीने के भीतर निकाय और पंचायती चुनाव भी करवाने होंगे। इसके अलावा 25 मई से शुरू होने जा रहे विधानसभा सत्र में विपक्ष के सवालों की बौछारों का सामना भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं होगा। बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस सचिवालय का घेराव भी करेगी।
राज्य प्रशासन की कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं होने की दलील के चलते चुनाव आयोग ने 16 मई को होने वाले अनंतनाग उप चुनाव को स्थगित तो कर दिया है, लेकिन, सात जुलाई से पहले उप चुनाव होना ही है।