राज्य के हालात और रसाना कांड के बाद पैदा हुए हालात पर पीडीपी गंभीर हो गई है। इस केस में दो मंत्रियों के इस्तीफे देने के बाद ही रियासत में भाजपा बैकफुट पर आती नजर आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी भी समय इन दोनों दलों के बीच पैदा दरार के कारण गठबंधन टूट सकता है
हालांकि पहली बार रियासत में सरकार बनाने के बाद जहां बीजेपी महबूबा को मना कर किसी तरह से सरकार बचाने की कोशिश में लगी है तो वहीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी के सभी मंत्रियों और विधायकों की श्रीनगर में बैठक बुलाई है। जिसमें रसाना कांड, कुलगाम में नागरिकों की मौत और राज्य के मौजूदा हालात पर चर्चा की जानी है।
सूत्रों के अनुसार पीडीपी कश्मीर में पैदा हुए हालातों पर भी चर्चा करेगी। कश्मीर में पिछले तीन महीने से आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान कई नागरिक मारे गए हैं। कश्मीर में पीडीपी ने अपना आधार बढ़ाने और खो रही साख को बचाए रखने के लिए सभी मंत्रियों और विधायकों को बैठक के लिए बुलाया है।
उल्लेखनीय है कि करीब एक महीने पहलेे मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में बैठक बुलाई थी। किसी कारण बैठक नहीं हो पाई थी। इस दौरान नौशेरा को जिले का दर्जा दिए जाने का प्रमुख मुद्दा उठाए जाने की संभावना थी। इस वजह से इस बैठक में पीडीपी नौशेरा को जिला का दर्जा दिए जाने के लिए भी मंत्रियों और विधायकों से मंत्रणा कर सकती है।
उमर ने तस्सदुक के बयान को सराहा
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सीएम महबूबा मुफ्ती के भाई तस्सदुक के बयान का समर्थन करते हुए उनकी तारीफ की है। उन्होंने भाजपा के दोनों मंत्रियों के साथ ही बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के बयान की आलोचना करते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
श्रीनगर में स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम पहले से मांग कर रहे थे कि जिन मंत्रियों ने रसाना कांड में शामिल कातिलों के समर्थन में जुलूस निकाला और जिन लोगों ने पुलिस को चालान पेश करने से रोका उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि दोनों मंत्रियों ने देर शाम खुद अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के पर्यटन मंत्री तस्सदुक मुफ़्ती के दिए बयान को लेकर कहा कि उन्हें रियासत की सियासत में आए ज्यादा समय नहीं हुआ है।
उन्हें मंत्री बने भी कुछ ज्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन मैं उनकी ईमानदारी को सलाम करता हूं, क्योंकि सियासत में बहुत कम मौके मिलते हैं अपनी ईमानदारी दिखाने के लिए और जब उन्हें मौका मिला तो उन्होंने अपनी ईमानदारी पेश की।
दरअसल तस्सदुक मुफ़्ती ने अपने एक बयान में कहा था कि पीडीपी भाजपा दोनों जुर्म में भागीदार हैं और राज्य की गठबंधन सरकार का हिसाब कश्मीरी अपने खून से देंगे।