जींद। धान की कटाई शुरू होने के साथ ही नई अनाज मंडी में पीआर धान की आवक बढ़ने लगी है, लेकिन किसानों को अभी अपनी उपज की एमएसपी पर खरीद शुरू होने का इंतजार है। सोमवार तक मंडी में करीब 500 क्विंटल पीआर धान पहुंच चुकी थी।
प्रदेश सरकार की ओर से एक अक्तूबर से पीआर धान की सरकारी खरीद शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में किसानों और आढ़तियों की नजर अब एक अक्तूबर पर टिकी है।
मंडी में धान पहुंचने के साथ ही आढ़तियों के सामने भी उठान और खरीद की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आढ़तियों का कहना है कि आने वाले दिनों में धान की आवक तेजी से बढ़ेगी।
यदि खरीद एजेंसी के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी समय पर तय नहीं हुई तथा मिलों का आवंटन नहीं किया गया तो सरकारी खरीद शुरू होने के बाद भी परेशानी आ सकती है। आढ़तियों के अनुसार, मंडी में आने वाली धान की खरीद के लिए केवल सरकारी खरीद की तारीख तय होना पर्याप्त नहीं है।
इसके लिए खरीद एजेंसी की व्यवस्था, मिल आवंटन और उठान की प्रक्रिया पहले से सुनिश्चित करना जरूरी है। पिछले वर्षों में नमी और अन्य गुणवत्ता मापदंडों को लेकर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। आढ़तियों का कहना है कि यदि धान निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है तो उसकी खरीद में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
सामान्य धान का रेट 2441 रुपये प्रति क्विंटल
सरकार ने पीआर सामान्य धान का एमएसपी 2441 रुपये प्रति क्विंटल और पीआर ग्रेड-ए का 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। किसानों की निगाह अब इस बात पर है कि एक अक्तूबर से मंडी में सरकारी खरीद किस तरह शुरू होती है और खरीद एजेंसी समय पर उनकी उपज खरीदने के साथ-साथ उठान की व्यवस्था सुनिश्चित कर पाती है या नहीं।
मंडी में सोमवार को पीआर धान की आवक हुई है। एक अक्तूबर से सरकार के निर्देशों के अनुसार खरीद करवाई जाएगी। इसके लिए मंडी में तैयारियां की जा रही हैं।
—संजीव कुमार, मंडी सचिव, जींद।
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