कुएं के पानी से नहाने के लिए मारामारी
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शाहाबाद (हरदोई)। नर्मदा में करीब एक किलोमीटर की परिधि मेें फैला ताल पानी के अभाव से सूखने के कगार पर है। तालाब का अधिकांश भाग सूखा है। पानी की कमी के चलते जल में विचरण करने वाले जीवों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है।
ऐतिहासिक तालाब में पहले जमीन के गर्भ में बने स्रोत से पानी का भंडारण होता था। जिसके चलते पूरे साल तालाब पानी से भरा रहता था। लेकिन पिछले कई वर्षों से पानी की प्राकृतिक व्यवस्था खत्म हो गई हैै। इसके बाद ट्यूबवेल के माध्यम से जलभराव होने लगा, लेकिन नलकूप में अक्सर तकनीकी खराबी की वजह से उससे भी पानी भरने की व्यवस्था चरमरा गई।
उधर, बरसात में पानी भर जाने से फरवरी माह तक इसमें पानी भरा रहता था। इधर, पिछले दो वर्षों से सामान्य से कम बारिश होने से तालाब पूरे साल सूखा नजर आने लगा है। वहीं, नगर पालिका की ओर से नर्मदा तालाब में बाउंड्री बनाने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन तालाब में पानी भरवाने की व्यवस्था नहीं की गई है। हालत यह है कि तालाब में मौजूदा समय में जानवर चरते देखे जा रहे हैं।