बादली। सरकारी बीज केंद्रों पर पांच साल से बीज उपलब्ध नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। सरसों और गेहूं की बिजाई का समय है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर बीज नहीं मिलने से किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर बीज खरीदना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर अनुदान के कारण बीज सस्ती दरों पर मिल जाता था, जिससे प्रति बैग 100 से 500 रुपये तक की बचत होती थी। अब बीज की आपूर्ति नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने बादली में सरकारी बीज केंद्र खोलने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के किसानों को समय पर बीज मिल सके।
देवरखाना, मुंडाखेड़ा, लोहट, बाढ़सा और लगरपुर के किसानों ने होशियार सिंह के नेतृत्व में अपनी समस्या उठाई। किसानों का कहना है कि इन पांचों गांवों के लिए सरकारी बीज केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन पिछले पांच साल से यहां बीज की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके चलते किसानों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
दरियापुर के दलबीर, नारायण, रिसाल, मुख्तयार सिंह, रामपत और भीम ने बताया कि पहले सरकारी केंद्रों से बीज खरीदने पर अच्छी बचत हो जाती थी, लेकिन अब निजी विक्रेताओं से महंगे दामों पर बीज खरीदना उनकी मजबूरी बन गया है। पहले बारिश के कारण खेती में नुकसान उठाना पड़ा और अब बीज की उपलब्धता नहीं होने से बिजाई की तैयारी प्रभावित हो रही है।