बीएचयू आईएमएस में सीनियर की छेड़खानी का शिकार हुई मेडिकल छात्रा ने आखिरकार 21 दिन बाद मंगलवार से क्लास जाना शुरू कर दिया। छात्रा के मन में असुरक्षा का भाव न हो इसलिए एसएसपी ने उसके साथ एक महिला सब इंस्पेक्टर को तैनात किया है। साथ ही भेलूपुर क्षेत्राधिकारी को निर्देश दिया है कि रोजाना छात्रा के कॉलेज और हॉस्टल के पास औचक निरीक्षण करें। यदि कोई भी छात्रा को परेशान करे तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजें। एसएसपी ने छात्रा से कहा कि उसे कभी किसी तरह की परेशानी हो तो वह सीधे उन्हें फोन कर बताए।
नई दिल्ली से छात्रा को साथ लेकर आए उसके माता-पिता ने बताया कि एसएसपी नितिन तिवारी ने कहा है कि तुम मेरी बिटिया हो और बिना किसी डर के पढ़ोे। उनकी बातों से तसल्ली मिली। अब हम इत्मीनान से घर लौट सकेंगे। हालांकि उनका कहना था कि इस मामले में जिस तरह पुलिस ने सहयोग किया, उस तरीके से बीएचयू प्रशासन ने तत्परता नहीं दिखाई। कहा कि वे बीएचयू के वीसी प्रो. जीसी त्रिपाठी से भी मिले और आरोपी छात्र पर कार्रवाई की मांग की। इसके पूर्व सात मार्च को भी वीसी से मिले थे। वीसी ने कहा कि आंतरिक शिकायत समिति की रिपोर्ट आते ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। कहा कि आईएमएस डायरेक्टर से मिलने की बहुत कोशिश की लेकिन वे समय नहीं दे सके। बहरहाल, जो भी होे लेकिन जिसने उनकी बेटी के साथ बदसलूकी की है, उसके खिलाफ वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
बता दें कि बीते 27 फरवरी को बीएचयू आईएमएस में मेडिकल की छात्रा के साथ जेआर-दो डॉ. अनुराग ने छेड़खानी की थी। छात्रा ने अनुराग के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। फिलहाल वह जमानत पर है। छात्रा का आरोप है कि इसके बाद आरोपी अपने दोस्तोें के साथ मुकदमा वापस लेने के लिए उसे धमकाने लगा तो भयभीत होकर वह अपने घर चली गई। साथ ही, पीएम मोदी, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और बीएचयू वीसी से सुरक्षा की गुहार लगाई।
इस संबंध में आईएमएस के डायरेक्टर प्रो. वीके शुक्ल ने कहा कि आईएमएस की कमेटी की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। इसलिए आरोपी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है।