-फोटो 87 : बाजार में करवाचौथ की पूर्व संध्या पर हाथों पर मेहंदी रचवाती महिलाएं। संवाद
बहादुरगढ़। करवाचौथ से एक दिन पहले पूरा बाजार त्योहार के रंग में रंग गया। सुबह से देर रात तक मेन बाजार, रेलवे रोड और अन्य बाजारों में खूब चहल-पहल रही। महिलाओं ने उपहार खरीदे, शृंगार का सामान लिया और हाथों में मेहंदी रचवाई। कई महिलाओं ने मेहंदी के डिजाइन में पति का नाम भी लिखवाया। वीरवार को सुहागिनें पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखेंगी।
मेन बाजार में मेहंदी लगाने वाले सौरभ ने बताया कि इस बार हाथ भरने वाले आकर्षक डिजाइन ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। अरेबिक, ब्राइडल, वेस्टर्न स्टाइल और ज्वेलरी डिजाइन की मेहंदी की सबसे ज्यादा मांग रही।
पूजन सामग्री और गहनों की खरीदारी
महिलाओं ने करवा, आरती की थाली, कथा की पुस्तक, कैलेंडर और फूल जैसी पूजा की चीजें खरीदीं। देर शाम तक दुकानों पर भीड़ लगी रही। सुहाग की निशानी पायल और बिछिया की भी अच्छी बिक्री हुई। ज्वेलर्स की दुकानों पर भी खासी भीड़ दिखी। किसी को घुंघरू वाली पायल भाई तो किसी ने सादी पायल चुनी। बिछिया महिलाओं ने अपने पैरों की उंगलियों के हिसाब से पसंद की।
ऐसे करें व्रत की शुरुआत
पंडित प्रवीण शास्त्री के अनुसार सूर्योदय से पहले उठकर सरगी खाएं और पानी पिएं। फिर भगवान की पूजा कर निर्जला व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन जल और अन्न ग्रहण नहीं किया जाता। चंद्रोदय से कुछ समय पहले शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा होती है। चांद निकलने पर उसे अर्घ्य देकर दर्शन करने के बाद महिलाएं छलनी में दीपक रखकर पति को देखती हैं। इसके बाद पति के हाथों से जल पीकर व्रत खोलती हैं।
सिद्धि योग में करवाचौथ
कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर सुहागिनें यह व्रत रखती हैं। इस बार सिद्धि योग बन रहा है, जिसे पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। वीरवार रात 8 बजकर 04 मिनट पर चंद्रोदय होगा।