फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देश में कानून बनने के बाद पहला केस: मध्य प्रदेश के सागर में मासूम से रेप के आरोपी को फांसी की सजा

Sun, 08 Jul 2018 07:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
विज्ञापन
विज्ञापन

मध्य प्रदेश के सागर जिले के रहली में मासूम से दुष्कर्म मामले में 40 वर्षीय आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई। वारदात 21 मई को हुई थी। इस मामले में 46 दिन में ही फैसला आ गया है। जिले के एसपी के अनुसार, नाबालिग से रेप मामले में फांसी की सजा के कानून बनने के बाद संभवत: यह पहला मामला है जिसमें मौत की सजा सुनाई गई है। 

विज्ञापन


सिविल कोर्ट रहली के अपर सत्र जज सुधांशु सक्सेना ने दोषी भागीरथ के घिनौने कृत्य को देखते हुए आईपीसी की धारा 376 और पाक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया और मृत्युदंड की सजा सुनाई।

मामले के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी घर के बाहर खेल रही 9 वर्षीय मासूम को उठाकर धार्मिक स्थल पर ले गया था और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की चीख सुनकर ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे थे और उसे बचा लिया था।
विज्ञापन


पुलिस ने आरोपी को दूसरे दिन गिरफ्तार कर लिया था। मध्य प्रदेश सरकार 12 साल से कम उम्र के मासूम से रेप मामले में फांसी की सजा का कानून बनाया था जिसे राष्ट्रपति ने 21 अप्रैल को मंजूरी दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें