झज्जर। मादक पदार्थ की तस्करी के दोषी को एडिशनल सेशन जज सुखप्रीत सिंह की अदालत ने दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को एक लाख रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने पर तीन साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अभियोग के अनुसार 27 अगस्त 2023 को पुलिस बस स्टैंड डीघल पर अपराध का पता लगाने और गश्त की ड्यूटी पर मौजूद थी। तभी मुखबिर ने एएसआई जगदीप को सूचना दी कि रोहतक के भोलाठ निवासी परीक्षित उर्फ पम्मी चरस/सुल्फा बेचने का धंधा करता है। वह रिठौली की तरफ से एक गाड़ी में चरस/सुल्फा लेकर गांव डीघल की तरफ आएगा।
इस पर रेडिंग पार्टी तैयार की गई। पुलिस डीघल से रिठौली रोड पर गाड़ी में गई और मौके पर नाकाबंदी की गई। पुलिस ने गाड़ियों पर नजर रखना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद रिठौली की तरफ से कार आती दिखाई दी। इसे पुलिस ने रुकने का इशारा किया गया। पुलिस ने गाड़ी के ड्राइवर को पकड़ लिया गया।
पूछने पर उसने अपना नाम परीक्षित उर्फ पम्मी बताया। अधिकारी की मौजूदगी में पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली। ड्राइवर की सीट के नीचे पांच पॉलीथीन के पैकेट मिले। उनमें चरस पाई गई। वजन एक किलो 820 ग्राम चरस पाया गया। आरोपी कोई लाइसेंस या परमिट नहीं दिखा सका। तभी से मामला अदालत में चल रहा था। अदालत ने रोहतक के भोलाठ निवासी परीक्षित उर्फ पम्मी दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।