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कमांडो बनने से एक हफ्ता पहले थम गई जिंदगी, गांव के पहले शहीद बने लेफ्टिनेंट अमित

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22jjrp10- नौगांव निवासी अमित जाखड़ के अंतिम संस्कार पर पुष्प अर्पित करते पुलिस अ​धिकारी। स्रोत- - फोटो : गिरफ्तार की गई टप्पेबाजी की आरोपी महिलाएं।
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साल्हावास। कमांडो प्रशिक्षण पूरा होने में महज एक सप्ताह ही बाकी था लेकिन विधाता को शायद कुछ और ही मंजूर था। महाराष्ट्र के बेलगांव में अभ्यास के दौरान शहीद लेफ्टिनेंट अमित जाखड़ (23) देश के लिए बलिदान देने वाले गांव के पहले शहीद बने हैं। तीन पीढि़यां लगातार देश की सेवा करती रही हैं।
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दादा ईश्वर सेना में हवलदार के पद पर थे। तीन साल पहले ही हवलदार के पद से रिटायर होने वाले उनके पिता राज सिंह भी सेना में कार्यरत रहे हैं। एक सप्ताह पहले ही लेफ्टिनेंट की अपनी मां सुशीला देवी से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि उनका कमांडो कोर्स पूरा होने वाला है। वह एक अप्रैल तक छुट्टी आ जाएंगे।
उन्होंने अपनी शिक्षा पिता के साथ पुणे में रहकर पूरी की थी। वे नेशनल स्तर पर फुटबॉल के खिलाड़ी भी रहे हैं। फुटबॉल खेलना उन्हें अच्छा लगता था। उनकी बहन रितु चंडीगढ़ से एमएससी की पढ़ाई कर रही हैं।
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एक महीने के लिए कमांडो कोर्स पर गए थे
लेफ्टिनेंट का पार्थिव शरीर जब गांव में लाया गया तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अमित जाखड़ का शव देखकर मां सुशीला देवी, पिता राज सिंह जाखड़, बहन रीतू अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। इस दौरान उनकी दादी चंद्रवती का भी रो रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि अमित 23 अप्रैल 2021 को सेना में अपना सफर शुरू किया था। एक महीने के लिए कमांडो कोर्स के लिए वे बेलगांव महाराष्ट्र गए हुए थे। लेफ्टिनेंट अभी अविवाहित थे।

22jjrp10- नौगांव निवासी अमित जाखड़ के अंतिम संस्कार पर पुष्प अर्पित करते पुलिस अधिकारी। स्रोत-- फोटो : गिरफ्तार की गई टप्पेबाजी की आरोपी महिलाएं।

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