लंबे समय से अटके खजुराहो ट्रेन संचालन में ‘राजनीति’ हो रही है। केंद्रीय मंत्री उमा भारती व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच उद्घाटन स्थल को लेकर शीतयुद्ध चल रहा है। केंद्रीय मंत्री उमा भारती जहां ललितपुर से ट्रेन को हरी झंडी दिखाना चाहती हैं, तो वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खजुराहो से हरी झंडी दिखाना चाहते हैं। ललितपुर सिंगरौली रेलवे लाइन प्रोजेक्ट केंद्रीय मंत्री उमा भारती के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल रहा है। इस प्रोजेक्ट के जरिये वह एक बार फिर मध्य प्रदेश में अपना राजनैतिक पदापर्ण करना चाहती हैं। उद्घाटन के मुख्य अतिथि को लेकर भी बड़ी मशक्कत चल रही है।
केंद्रीय मंत्री उमा भारती कार्यक्रम का मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बनाने के प्रयास में हैं। रेल विभाग के मुताबिक 15 अगस्त तक खजुराहो ट्रेन संचालन शुरू हो सकेगा। अगर प्रधानमंत्री को समय नहीं मिला, तो कार्यक्रम के अतिथि रेल मंत्री सुरेश प्रभु का होना तय है। रेलवे बोर्ड द्वारा ललितपुर से खजुराहो तक सभी रेलवे विभागों को पत्र जारी कर ट्रेन संचालन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इससे पूर्व रेलवे बोर्ड की ललितपुर से खजुराहो तक पैसेंजर ट्रेन 30 जून तक दौड़ाने की पूरी तैयारी की गई थी। ललितपुर से खजुराहो तक रेलवे लाइन व स्टेशनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रेलवे के मुख्य सुरक्षा आयुक्त बीके बाजपेयी द्वारा जून माह में टीकमगढ़ से खजुराहो तक दो चरणों में सीआरएस किया गया, जिसमें पहले चरण में टीकमगढ़ से छतरपुर व दूसरे चरण में छतरपुर से खजुराहो तक सुरक्षा की दृष्टि से निरीक्षण किया गया और जून माह में ही उन्होंने अपनी रिपोर्ट रेलवे को सौंप दी थी, जिसमें टीकमगढ़ से खजुराहो तक 75 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेन संचालन को हरी झंडी दे दी थी।