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आतंकी को मारने के बाद उसके शव को रस्सी से घसीटना सेना का नियम, कई पार्टियों ने जताया विरोध

Sat, 15 Sep 2018 03:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
झज्जर कोटली एनकाउंटर के बाद नियम के हिसाब से आतंकी का शव ले जाते सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला

झज्जर कोटली में मारे गए आतंकियों के शव को रस्सी से बांधकर खींचे जाने को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। हालांकि, सेना का कहना है कि यह एसओपी का हिस्सा है। किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए इस प्रकार की सावधानी बरती जाती है। 



सेना के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकी एक मिशन लेकर आते हैं। वह यहां मरने के लिए ही आते हैं। ऐसे में वह अपने शरीर पर कई बार विस्फोटक लगाए रहते हैं। पिछले कुछ सालों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिसमें आतंकियों के शव को उठाए जाने के दौरान विस्फोट हो गया। इसमें सेना को जानी नुकसान उठाना पड़ा है। बताया कि ऐेसे में आतंकियों के शव को उठाने के लिए दो तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। एक तो उसके शव को काफी देर तक छोड़ दिया जाता है। दूसरा 30-40 फीट की सुरक्षित दूरी से रस्सी के सहारे शव को उठाया जाता है। इसमें भी उसे पेट के बल ही लिटाकर खींचा जाता है। 

वहीं, सोशल मीडिया पर शव को रस्सी से खींचे जाने को बर्बरता की हद बताया जा रहा है। नेकां और पीडीपी ने इसकी आलोचना की है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा है कि मानवाधिकार के नाम पर शोरशराबा मचाने वाले कुछ लोगों के खून में गद्दारी भरी हुई है। यह गद्दार और बेईमान लोग हैं। उन्हें ये पता नहीं है कि ऐसा करना सेना के नियमों में शामिल है।

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पढ़ें किसने क्या कहा...

यह ठीक नहीं है, अच्छा नहीं है... जब इंसान इस दुनिया से जाता है तो फिर उसके साथ ऐसा करना अच्छी बात नहीं है। मरने के बाद फिर चाहे दुश्मन ही क्यों ना हो उसका भी आदर किया जाना चाहिए, हर मजहब यही सिखाता है।
-अली मोहम्मद सागर, नेशनल कॉन्फ्रेंस

कानून का तकाजा अपील का तकाजा और इंसानियत का यह तकाजा है कि कोई मर गया तो उसके बाद उसे घसीटना उस को तकलीफ देना जहालत है और इंसानियत के खिलाफ है मुझे लगता है ऐसा नहीं होना चाहिए।
- रफी मीर, पीडीपी

जिस आतंकी को गोली मार दी उसका तो अंजाम हो गया उसे तो सजा मिल गई वहां तो फुलस्टॉप लग जाता है। अब तो वह सिर्फ लाश रह गया है उसके साथ कुछ करेंगे तो तकलीफ उसे नहीं होगी उसके घर के लोगों को तकलीफ होगी।
 -राशिद अल्वी, कांग्रेस
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