जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के दिल्ली को खतरनाक परिणामों की चेतावनी पर किया पलटवार। उन्होंने कहा कि पीडीपी के टूटने पर कोई नया आतंकवादी पैदा नहीं होगा। वहीं राज्यपाल व उनके सलाहकारों की मार्टयर्स डे समारोह से दूरी बनाने पर उन्होंने नाराजगी जताई है।
उमर अब्दुल्ला ने ट्वीटर पर किए गए अपने ट्वीट में लिखा, “वह वास्तव में हताश हैं अगर वे दिल्ली को यह धम्की दे रही हैं कि पीडीपी के टूटने पर आतंवाद दुबारा उभरकर सामने आएगा। ऐसा लगता है कि वह भूल चुकी हैं कि कश्मीर में आतंकवाद पहले से ही उनके सबसे सक्षम प्रशासन के दौरान पुनर्जन्म ले चुका है।”
एक अन्य ट्वीट में उमर ने लिखा, “मैं सबकी यादाश के लिए यहां लिख रहा हूं कि पीडीपी के टूटने से कोई भी नया आतंकवादी नहीं बनेगा। लोग केवल कश्मीरियों के वोटों को विभाजित करने के लिए दिल्ली में बनाई गई पार्टी के निधन पर शोक मनाएंगे।”
मजार-ए-शोहदा में मार्टयर्स डे पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने राज्यपाल को चाहिए था आना
वहीं मार्टयर्स डे के अवसर पर शहीदों को मजार-ए-शोहदा में श्रद्धांजलि देने के बाद उमर ने पत्रकारो से कहा कि यह तो कल ही पता चल गया था कि राज्यपाल एन.एन.वोहरा अपनी मसरूफियत के चलते यहां नहीं आ पाएंगे लेकिन उनके सलहकार तो थे जिन्हें यहां आना चाहिए था। किसी एक तो यहां इस समारोह में आकार श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी क्योंकि यह एक स्टेट फंक्शन है।
उन्होंने कहा कि अगर आप लोग इसको स्टेट फंक्शन की सूची से निकालना चाहते हैं तो कोशिश करिए, हम भी देखते हैं। लेकिन जब तक यह एक स्टेट फंक्शन है तब तक इसे ऐसे ही सम्मान दिया जाना चाहिए। उमर ने यह भी कहा कि जिस तरह शुक्रवार को नागरिक सचिवालय में मीटिंग रखी गई है, मैं नहीं समझता कि किसी और फंक्शन के दिन ऐसा किया गया हो। लेकिन शायद एक सिग्नल देने के लिए यह मीटिंग रखी गई है।
स्थानीय नागरिकों की मौतों के सिलसिले पर रोक के बाद ही सुधर सकेंगे हैं हालात
गौरतलब है कि हालातों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि जब तक स्थानीय नागरिकों की मौतों के सिलसिले पर रोक नहीं लगती तब तक जम्मू-कश्मीर में विशेषकर कश्मीर में हालात ठीक नहीं होंगे। जहां हम एक तरफ चाहते हैं नौजवान आतंकवाद से रुख मोड़कर खेल कूद और पढ़ाई पर ध्यान दे, उसके लिए ऐसी मौतों पर रोक लगनी लाजमी है। उमर ने कहा कि हाल ही में 6 युवा मारे गए जब तक राज्यपाल इनपर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते तब तक हालातों का सामान्य होना नामुमकिन है।
जब कोई विधायक सीडीएफ से नहीं खर्च कर सकता बजट, तो राज्यपाल को विधानसभा कर देनी चाहिए भंग
इस बीच विधान सभा के सस्पेंडिड अनिमेशन पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जब सदन में चुने गए लोग यह कह रहे हैं कि हम राज्य में नई सरकार बनाने के माहौल में नहीं है तो फिर सदन को ऐसा रखने का फायदा क्या है। रोज बगावत की खबरें सामने आ रही है जिससे माहौल में अनिश्चितता पैदा हो रही है। इसलिए अपील है राज्यपाल से कि इस विधानसभा को भंग किया जाए।
उमर ने कहा कि न हम अपने सीडीएफ से कोई पैसा खर्च सकते है, न लोगों के बीच जाके मुश्किलों का समाधान निकाल सकते है, न ही अपने क्षेत्रों में जाके अधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं, तो फिर हमें वेतन किस चीज़ का दिया जा रहा है। यह तो फिर पैसा बर्बाद करने वाली बात है।