साल्हावास। बड़ी बेटी को पेड़-पौधे लगाते देख मां को भी पौधरोपण का शौक चढ़ गया। अब घर का काम करने के बाद गांव लडायन निवासी सजनी देवी पूरा समय बगिया संभालने में लगाती हैं। उन्होंने खाली प्लॉट में बनाई बगिया में फूलों के अलावा औषधीय पौधे भी लगाए हैं।
सजनी देवी का कहना है कि उनकी बड़ी बेटी ज्योति प्रकाश को पेड़-पौधे लगाने का शौक है। वह बायोटेक्नोलॉजी से एमएससी करने के बाद अब पीएचडी की पढ़ाई कर रही है। बेटी के साथ काम करते-करते उन्हें भी पौधरोपण का शौक चढ़ गया और बगिया बना ली। पति जय प्रकाश जाखड़ शिक्षा विभाग में पीटीआई के पद पर कार्यरत हैं।
पौधों को समय-समय पर पानी देना, नलाई व गुडाई करना जीवन का अब हिस्सा बन चुका है। सजनी देवी बताती है कि बगिया में उनकी मेहनत करते हुए देखकर अब उनके साथ छोटी बेटी रेनू व बेटा इंद्रजीत जाखड़ भी मदद करते हैं। उन्होंने खाली प्लॉट में फूल व औषधीय पौधे लगा रखे हैं।
जब भी पड़ोसी व रिश्तेदार उनके प्लॉट में आते हैं तो देखकर बहुत प्रभावित होते हैं। उनसे पौधे लगाने व अच्छी देखभाल के तरीके पूछते हैं। उनका मानना है कि अगर सभी अपने घर, आंगन में कुछ पौधे लगाएं तो सुंदरता के साथ-साथ पर्यावरण को संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
बगिया में ये लगाए पौधे
उन्होंने अपनी बगिया में तुलसी, एलोवेरा, गिलोय की बेल, अश्वगंधा, पुदीना, शंखपुष्पी, गुड़हल, बेलपत्र और सदाबहार, चमेली, रजनीगंधा, गुलाब, गेंदा लगाया है। उनके पति शाम के समय फूल व औषधीय पौधे लाकर बगिया को सुंदर बनाने में सहयोग करते हैं।