लोकल बसों की लोकेशन और उनकी स्पीड की जानकारी भविष्य में लोगों को उनके मोबाइल फोन पर ही मिलेगी।
इसके लिए दूरसंचार और तकनीकी मंत्रालय ने चंडीगढ़ के पेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेकभनोलॉजी (पेक) और आईआईटी मुंबई को विशेष प्रोजेक्ट सौंपा है। इसे देश के दो शहरों चंडीगढ़ और मुंबई में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। इस पर 75.90 लाख रुपये की लागत आएगी और यह तीन साल में पूरा होगा।
प्रोजेक्ट का प्रारूप
इस प्रोजेक्ट को कम्यूनिकेशन असिस्टेड रोड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (सीएआरटीएस) नाम दिया गया है। यह आपको घर या दफ्तर में बैठे ही मोबाइल पर अपने रूट की बस की लोकेशन, सड़कों पर जाम और बस की स्पीड की जानकारी देगा।
इस सिस्टम से सीटीयू के अधिकारी भी बस चालक और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे।
पेक की डॉ. दिव्या भी रिसर्च टीम में
सीएआरटीएस तैयार करने वाली टीम मेें पेक से चंडीगढ़ की डॉ. दिव्या बंसल और नौ रिसर्च स्कॉलरों को शामिल किया गया है। इसी तरह आईआईटी मुंबई से प्रो. भास्करन रमन और छह रिसर्च स्कॉलर भी इससे जुड़े हैं।