ओएचई लाइन की भी संभव होगी निगरानी, किसी भी खामी को तुरंत सुधारा जा सकेगा
बरेली। जाड़ों में ट्रैक फ्रैक्चर की अधिक घटनाएं होती है। इन दिनों पेट्रोलिंग करना भी मुश्किल हो जाता है। कई पेट्रोलमैन बिना पेट्रोलिंग किए ही ट्रैक को फिट करार दे देते हैं, जो कभी कभी दुर्घटना का भी कारण बन जाता है। रेलवे ने इस खामी को दूर करने के लिए एक एप ‘क्रिस’ विकसित किया है, जिसके प्रयोग से न सिर्फ सटीक जानकारी मिल सकेगी, बल्कि उसमें अविलंब सुधार भी संभव हो सकेगा। खास यह है कि इससे ओएचई लाइन की भी निगरानी संभव है। इज्जतनगर मंडल में इस एप का प्रयोग सफलता पूर्वक किया जा रहा है, जल्द ही यह एप देशभर के सभी स्टेशनों पर लागू कर दिया जाएगा।
रेलवे ने क्रिस (सेंट्रल फॉर रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम) एप बनाया है, जिसे ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (टीडीएमएस) का नाम दिया गया है। यह सिस्टम इज्जतनगर रेल मंडल के रावतपुर- फर्रुखाबाद- कासगंज- मथुरा सेक्शन में सफलतापूर्वक काम कर रहा है। इस एप से पटरियों और ओएचई लाइन में कोई भी कमी पाए जाने पर पेट्रोलमैन एप में कमी को फीड करके केवल टिक करेगा, जिसके बाद सारा ब्योरा मय लोकेशन के संबंधित सेक्शन अधिकारी को मिल जाएगा। इससे तुरंत ही सेक्शन अधिकारी कमी दूर करवा सकेंगे। इस एप की विशेषता यह भी है कि इसमें एक आटोमेटिक अलार्म भी लगा हुआ है जो प्रत्येक 15 दिन में सेक्शन इंचार्ज को यह बताएगा कि किन-किन सेक्शन में पेट्रोलिंग नहीं की गई है। इससे पहले ट्रैक पेट्रोलिंग के लिए जीपीएस आधारित ट्रैकर सभी पेट्रोलमैन को पहले ही दिए जा चुके हैं। अभी मानसून पेट्रोलिंग की जा रही है। इस एप से संबंधित अधिकारी किसी भी समय पेट्रोलमैन की लोकेशन ट्रेस कर सकता है। यहां बता दें कि अब तक पेट्रोलिंग के दौरान पेट्रोल मैन सभी खामियों को एक पेपर पर नोट करता था। वापस स्टेशन पहुंचकर स्टेशन मास्टर को सूचना देता था, जिसके बाद ही सुधार संभव हो पाता था। इज्जतनगर रेल मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि जल्द ही यह एप मंडल के सभी स्टेशनों पर लागू किया जाएगा।
छोटे व्यापारियों के लिए उत्तर रेलवे ने शुरू की एक माला ट्रेन योजना
बरेली। छोटे व्यापारियों का रुझान रेल की तरफ बढ़ाने के लिए उत्तर रेलवे ने एक माला ट्रेन योजना शुरू की है। योजना के तरह पहली रैक चीनी की गांधीधाम तक ले जाने की तैयारी है। उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा के मुताबिक, यह योजना उन छोटे व्यापारियों के लिए बहुत फायदेमंद होगी जो पूरा रैक किराए पर नहीं ले सकते हैं। इस योजना के तहत व्यापारी अब एक वैगन पूरा या मिलजुलकर भी किराए पर ले सकेंगे। अभी जो रैक बनाया जा रहा है उसमें व्यापारी केवल चीनी या उससे बना सामान ही भेज सकेंगे। पहला रैक उन स्थानों से चलाया जा रहा है जहां चीनी मिलें अधिक हैं। इसी के तहत ट्रेन की शुरूआत हरदोई से की जा रही है। यह रैक रोजा, मुरादाबाद, धामपुर, रुड़की रूट से दिल्ली मंडल के टपरी, देवबंद, पटेल नगर होते हुए गुजरात के गांधीधाम तक ले जाया जाएगा। ट्रेन की मॉनिटरिंग मंडल के अलावा मुख्यालय भी करेगा। मुरादाबाद जंक्शन के सीएमआई हेमंत कुमारके मुताबिक, यह मालवाहक ट्रेन कम से कम 21 रैक की होगी। भाड़ा पीस मील वैगन लोड करने के हिसाब से लिया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी उनके नंबर 9760534973 से ली जा सकती है। ब्यूरो