पेरिस ओलंपिक की कमी को नहीं दोहराऊंगा, पूरी तैयारी से अगले ओलंपिक में गोल्ड जीतना लक्ष्य : अमन सहरावत
बोले, मुश्किलों से घबराकर लक्ष्य से पीछे नहीं हटे युवा
-जीत का श्रेय अमन ने अपने गुरु और परिवार को दिया
फोटो-15 से 17
नरेश दहिया
साल्हावास। बिरोहड़ के लाडले अमन सहरावत का रविवार को गांव में भव्य स्वागत हुआ। अपने स्वागत को देखते वह और उनके गुरु महाबीर सतपाल पहलवान गदगद नजर आए। अमन ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड लाना है।
वहीं अमन के गुरु सतपाल ने कहा कि अमन ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उम्मीदों को हकीकत में बदला है। युवाओं के लिए खेलों में बेहतर भविष्य बनाने की अपार संभावनाएं हैं। गुरु सतपाल ने खानपान को भी खिलाड़ियों की सफलता का अहम हिस्सा बताया। संवाद न्यूज एजेंसी की अमन से बातचीत के प्रमुख अंश...
आने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक को लेकर क्या तैयारी चल रही है?
पेरिस ओलंपिक में एक छोटी से कमी रह गई थी इस कारण फाइनल में नहीं पहुंच पाए। अब उस कमी को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में नहीं दोहराएंगे। इस बार पूरी तैयारी के साथ देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना ही लक्ष्य है।
एशियन गेम्स में अंतिम एक मिनट में कैसे मुकाबला बदला?
कई बार कुश्ती आखिरी मिनट तक पक्ष में नहीं होती, लेकिन उन्हें खुद पर पूरा विश्वास था जानता था कि आखिरी एक मिनट में कवर कर लूंगा और यही कई बड़े मुकाबलों में हुआ।
अपनी सफलता का श्रेय किसे देंगे?
अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, लगन और गुरु सतपाल के मार्गदर्शन और परिवार को दूंगा। पहलवान सुशील कुमार की उपलब्धियों से प्रेरित होकर कुश्ती में कॅरिअर बनाने का फैसला किया था।
गुरु सतपाल के बारे में क्या कहेंगे?
सतपाल सर ने मुझे माता-पिता से बढ़कर प्यार और सहयोग दिया। उनके मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास ने मुझे सफलता की राह पर आगे बढ़ने में मदद मिली।
नई पीढ़ी के युवाओं को क्या संदेश देंगे?
आज के युवा नशे से दूर रहें, अनुशासन में रहें और अपने लक्ष्य पर फोकस करके खूब मेहनत करें। जीवन में मुश्किलें और उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन उनसे घबराकर लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए।
आगे की क्या तैयारी है?
गांव ने जो प्यार और सम्मान दिया है, उसके लिए दिल से आभारी हूं। 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाकर फिर से इसी तरह जश्न मनाएंगे।