इटावा। चलती ट्रेन से महिला को फेंके जाने के मामले में जीआरपी एसपी आगरा ने निरीक्षक को लाइन हाजिर किया है। आरोप है कि ट्रेन में महिला के साथ जो भी घटना हुई उसकी समय से उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। उनकी जगह एसएसआई प्रशांत कुमार को थाने का चार्ज सौंपा है।बता दें कि पटना-आनंद बिहार स्पेशल ट्रेन से नौसेना अफसर की पत्नी की मौत होने जाने के बाद जीआरपी कई घंटे तक मामले को छिपाए रहा था। इससे समय रहते स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हो पाई थी। बाद में ट्रेन को दादरी स्टेशन रोककर यात्रियों व टीटीई से पूछताछ की गई थी।
26 नवंबर को पटना से आनंद विहार जा रही स्पेशल ट्रेन में कानपुर देहात के पुखरायां निवासी भारतीय नौसेना जवान की पत्नी आरती यादव (30) पत्नी अजय यादव गलती से ट्रेन में चढ़ गई थी। उनके पास बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेन का आरक्षित टिकट था। टीटीई संतोष कुमार ने नए टिकट बनवाने को लेकर विवाद हुआ। आरती के पिता ने टीटीई पर धक्का देकर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि जीआरपी निरीक्षक दिनेश प्रकाश शर्मा ने घटना की जानकारी सीओ समेत उच्चाधिकारियों को नहीं दी। बाद में हादसे की सूचना ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री वैभव राज ने रेलवे के कंट्रोल रूम नंबर 139 पर दी।
महिला के ट्रेन से धक्का दिए जाने की सूचना मिलते ही जीआरपी सीओ उदय राज सिंह थाने पहुंचे। यहां थाना प्रभारी दिनेश प्रकाश शर्मा मौके पर नहीं मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि वह मामले की पड़ताल में बाहर आए हुए हैं। साथ ही इतनी बड़ी घटना को लेकर कोई तत्परता नहीं दिखाई। इससे ट्रेन काफी आगे निकल गई।