घाघरा का पानी तीसरी बार मंगलवार को खतरे के निशान को पार करते हुए एक दर्जन गांवों के किनारे तक पहुंच गया है जिससे तराई में हड़ंकप मच गया। तराईवासी सुरक्षित स्थानों को पलायन करने की तैयारियों में जुट गए हैं। उधर नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है और बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं।
नेपाली पानी फिर से तराई में तबाही मचाने को बेताब दिखाई दे रहा है। नेपाल द्वारा एक लाख 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का पानी तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर गया है। नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से ऊपर पहुंच कर बह रहा है। नदी का पानी प्रति घंटा डेढ़ सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है जिससे तराई के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों के अंदर तक पानी पहुंचने का खतरा मंडराने लगा है।
वहीं नदी के तेवर को देखते हुए तराई के लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन की तैयारी में लग गए हैं। तराई के लोगों का कहना है कि नदी का पानी तीसरी बार खतरे के निशान को पार कर चुका है लेकिन इस बार नदी का पानी काफी तेजी से बढ़ रहा है जिससे वह किसी भी समय गांवों के अंदर तक पहुंच सकता है। वहीं नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट जारी कर दिया है।