प्रसव के बाद सीएचसी गेट पर तड़पती प्रसूता।
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झींझक। कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक में डाक्टर और नर्स के न होने पर गर्भवती महिला ने सीएचसी गेट पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। वहीं डाक्टरों की लापरवाही पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। वहीं, पुलिस को आते देख नर्स आनन-फानन में सीएचसी पहुंची और प्रसूता को कमरे में लेटाया।
मुख्य चिकित्साधिकारी केके श्रीवास्तव ने बताया कि पहले से ही सीएचसी झींझक का हाल खराब चल रहा था। पूर्व सीएमओ ने कई डाक्टरों का ट्रांसफर किया था। इसके चलते दिक्कत हो रही है। शीघ्र ही व्यवस्था सुचारु हो जाएगी ।
गौरतलब है कि डाक्टरों की मनमानी के चलते सीएचसी झींझक में कई दिनों से इमरजेंसी सेवा ठप चल रही है। रविवार को दोपहर करीब 2:45 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सुरासी गांव निवासी सुनील की पत्नी शीतल (23) को परिजन सीएचसी लेकर पहुंचे।
परिजन इधर उधर भटकते रहे लेकिन केंद्र में कोई डाक्टर व नर्स के मौजूद मिला। वहीं, शीतल दर्द से चिल्लाती रही और फर्श पर गिर गई और उसने करीब 3:25 बजे गेट पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। उसके साथ आई शारदा व रामदेवी ने उसकी प्रसव में मदद की। इस दौरान वहां परिजनों ने अव्यवस्था और डाक्टरों की लापरवाही पर जमकर हंगामा काटा। तिरंगा संगठन की कमांडर शालिनी ने 100 डायल पर सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस को देख नर्स अनीता सचान अपने आवास से अस्पताल पहुंची और शीतल को कमरे में लेटाया। पति सुनील ने बताया कि 102 नंबर पर फोन किया था लेकिन कोई मदद मिली। वह उसे जेएसए वाहन से अस्पताल आए, जहां डाक्टर और कर्मी नहीं मिला। पत्नी का गेट पर ही प्रसव हो गया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई लेकिन कोई इलाज नहीं मिला।