अमित विश्वकर्मा
रेवाड़ी।
ओवरलोड वाहनों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग हाइटेक होने जा रहा है। अगर विभाग की योजना सिरे चढ़ी तो ओवरलोड वाहनों की जांच के लिए न तो ज्यादा कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी और न ही कर्मचारी जुर्माना आदि कार्रवाई में गड़बड़ी कर पाएंगे। यही नहीं इन वाहनों की जांच करने का काम भी कुछ सेकंड में पूरा हो जाएगा।
जी, हां परिवहन विभाग की प्रदेश के आठ जिलों में इंटर स्टेट-वे ब्रिज बनाने की योजना है। रेवाड़ी समेत सिरसा, जींद, भिवानी, मेवात, सोनीपत, महेंद्रगढ़ और यमुनानगर जिलों के बॉर्डर एरिया की मेनरोड पर ये इंटर स्टेट-वे ब्रिज बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट में लगने वाली कंप्यूटराइजड मशीन ओवरलोड वाहनों की महज छह से सात सेकंड में जांच कर बता देगी कि वाहन में निर्धारित क्षमता से ज्यादा कितना भार लदा है। यही नहीं मशीन इसी के अनुरूप जुर्माना राशि भी बता देगी।
जानकारी मुताबिक एक ब्रिज पर करीब 35 से 40 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है और रेवाड़ी में दो इंटर स्टेट-वे ब्रिज बनाए जाएंगे। परिवहन विभाग ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण रेवाड़ी को इस बाबत लेटर भेजा है।
कर्मचारियों पर लग चुका है घालमेल का आरोप
जिले के आरटीए में स्थाई एवं अस्थाई रूप से करीब 16 कर्मचारी कार्यरत हैं। ओवरलोड वाहनों की जांच और जुर्माने के मामले में एक नहीं अपितु कई कर्मचारियों पर लेन-देन का आरोप लग चुके हैं। लोगों का कहना है कि विभाग के कुछ कर्मचारियों के चलते ओवरलोड एवं टैक्स चोरी पर रोक नहीं लग पाती है। क्योंकि डाटा एंट्री ऑपरेटर तक ने डंपर मालिकों से मिलीभगत कर रखी है। हालांकि पिछले एक महीने में नए अधिकारी आने के बाद विभाग ने ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करते हुए करीब 60 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। हालांकि अब अधिकारी सख्ती की बात कर रहे हैं।
राजस्थान बॉर्डर पर बनेगा, जाम से मिलेगा छुटकारा
जिले में अधिकतर ओवरलोड वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-आठ से राजस्थान जाते हैं। इसके अलावा रेवाड़ी-नारनौल रोड का भी यही हाल है। शाम को इन रूटों पर ओवरलोड वाहनों की लंबी लाइन लग जाती हैं। इन मार्गों पर इंटर स्टेट-वे ब्रिज बन जाने के बाद जांच के लिए लगने वाली लंबी लाइन से छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा यहां पर कर्मचारियों की संख्या की भी उतनी जरूरत नहीं पड़ेगी, जितनी अब जांच में पड़ती है।
एक महीने पहले ही यहां ज्वाइन किया है। अभी तक घालमेल जैसी कोई शिकायत नहीं आई है। मेरे आने के बाद अब 221 वाहनों को की जांच कर 60 लाख से अधिक रुपये का चालान काटा जा चुका है। उम्मीद है कि जिले में जल्द ही इंटर स्टेट-वे ब्रिज बन जाएगा। इसके बाद गड़बड़ी पर रोक लगने के साथ ही जांच का समय भी बच जाएगा। ओवरलोड वाहनों पर भी अंकुश लगेगा। -सूरत सिंह, सहायक सचिव, आरटीए, रेवाड़ी