झज्जर। नगर परिषद के रेवाड़ी रोड स्थित एमआरएफ सेंटर से कूड़े का उठान कर उसे उठलोधा डंपिंग साइट पर डाला जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने टेंडर मांगे हैं। इस पर करीब 44 लाख रुपये खर्च होंगे। वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद दो माह में यह काम पूरा करना होगा।
शहर से कूड़ा उठान के लिए अलग-अलग पॉइंट बनाए गए हैं। शहर से उठाए गए कूड़े को रेवाड़ी रोड स्थित एमआरएफ सेंटर में डाला जाता है। यहां पर पूरे शहर का कूड़ा एकत्रित होता है। इससे पहले सेंटर पर प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई गई थी लेकिन अब यह यूनिट बंद हो चुकी है।
इस यूनिट में कचरे को अलग-अलग किया जाता था लेकिन टेंडर खत्म होने के बाद यह प्रक्रिया बंद हो चुकी है। स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय की तरफ से अब दो अलग-अलग टेंडर प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
इसमें एक घर-घर कूड़ा उठा और दूसरी रोड स्वीपिंग और लिफ्टिंग का टेंडर है। दोनों ही अभी तक चालू नहीं हो पाए हैं। इससे पहले नगर परिषद की योजना थी कि झज्जर शहर का कूड़ा रोहतक कलस्टर काे भेजा जाए। इसके लिए नगर निगम रोहतक से बातचीत भी हुई लेकिन यह योजना सिरे नहीं चढ़ी।
अब नगर परिषद की तरफ से शहर के अलग-अलग पॉइंट से उठने वाले कूड़े को रेवाड़ी रोड पर डाला जाता है। रेवाड़ी रोड पर एकत्रित हुए कूड़े के उठान के बाद उठलोधा लेगेसी वेस्ट साइट पर डाला जाएगा। इस पर 44 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
इसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है। वर्क ऑर्डर जारी होने के दो माह में यह कूड़ा उठान करना होगा। नगर परिषद के सेनेट्री इंस्पेक्टर आनंद मलिक ने बताया कि रेवाड़ी रोड एमआरएफ सेंटर से कूड़ा उठान कर उठलोधा साइट पर डाला जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया के अधीन उलझी शहर की सफाई व्यवस्था
शहर की सफाई व्यवस्था टेंडर प्रक्रिया के अधीन उलझकर रह गई है। अब तक घर-घर कूड़ा उठान का काम नई एजेंसी ने शुरू नहीं किया है। उसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सरकार से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन स्थायी रूप से एजेंसी ने अभी काम शुरू नहीं किया है। इसी प्रकार से रोड स्वीपिंग का टेंडर भी नहीं हुआ है। इसकी मंजूरी भी अब तक मुख्यालय से नहीं मिली है।