प्रधानमंत्री ग्रामीण साक्षरता मिशन के तहत गांव में सीएचसी खोलने के नाम पर खेल शुरू हो गया है। जिलेभर के गांवों में केंद्र खोलकर साक्षर बनाने की जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था केंद्र खोलने के नाम पर वसूली पर आमादा है।
केंद्र खोलने के लिए चयनित शिक्षित बेरोजगारों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कैशलेस योजना को बढ़ावा देने और कल्याणकारी योजनाओं का ऑनलाइन लाभ लेने की जानकारी देने के लिए जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था सीएससी ई-गर्वनेंस पर रुपया वसूलने का आरोप लगने लगे है।
डीएम अजय कुमार सिंह को दिए शिकायती पत्र में बरदा सीएचसी संचालक प्रिया, भानुप्रताप पुन्निया, अवधेश सिंह बराएं आदि ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण साक्षरता मिशन के तहत एक अप्रैल से गांव में सीएससी के माध्यम से 14 से सात वर्ष आयु के 250 लोगों को कैशलेश व ऑनलाइन हो रहीं योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए साक्षर किया जाना है।
इसके तहत केंद्र खोलने के लिए चयनित किया। निर्धारित गांव में 250 ग्रामीणों का पंजीकरण भी करा दिया गया। लेकिन सीएससी केंद्र का संचालन शुरू जिला में तैनात मैनेजर द्वारा नहंी कराया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने कंप्यूटर के माध्यम से दिए जाने वाले प्रशिक्षण के बदले एक हजार रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया है।
कहा कि रुपये न देने की वजह से केंद्र का संचालन नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।