झज्जर। एचआईवी को लेकर डर, झिझक और भ्रम के कारण लोग अक्सर समय पर जांच नहीं करा पाते। इसी को दूर करने के लिए नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नाको) ने गोपनीय सेल्फ रिस्क असेसमेंट की सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से लोग अपनी सुविधा के अनुसार एचआईवी और यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के जोखिम का आकलन कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर जांच, काउंसलिंग व उपचार की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
इसके लिए केवल क्यूआर कोड स्कैन करना होगा और सात आसान सवालों के जवाब ‘हां’ या ‘नहीं’ में देने होंगे। प्रक्रिया शुरू करने से पहले राज्य, जिला, उम्र और जेंडर की जानकारी दर्ज करनी होगी। मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के बाद सवाल शुरू होंगे। इनमें एक से अधिक लोगों के साथ यौन संबंध, एक ही सीरिंज का साझा इस्तेमाल, प्राइवेट पार्ट्स या आसपास खुजली तथा फंगल इंफेक्शन जैसे जोखिमों से जुड़े सवाल शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग क्यूआर कोड को सरकारी अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, लघु सचिवालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाएगा। जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी डॉ. निधि मोमिया ने बताया कि जवाबों के आधार पर एचआईवी जोखिम का आकलन किया जाएगा। सहायता के लिए हेल्पलाइन 1097 और नजदीकी जांच केंद्र व काउंसलर की जानकारी के लिए 14416 पर संपर्क किया जा सकता है।