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सरकारी खाद केंद्र पर डीएपी को लेकर किसानों की लगी भीड़

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फोटो संख्या:54- सरकारी खाद  केंद्र के बाहर डीएपी खाद को लेकर लगी किसानों लाइन--संवाद
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महेंद्रगढ़। खाद को लेकर किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। किसानों को पर्याप्त नहीं हो रहीं। वहीं किसानों को घंटों लाइन में लग कर खाद मिल रहा है। सरकारी खाद केंद्र पर डीएपी खाद को लेकर वीरवार को खाद केंद्र किसानों की लंबी लाइन गई। दोपहर बाद खाद केंद्र पर अवस्था बिगड़ गई, जब मशीन में तकनीकी दिक्कत आने से बंद हो गई। करीब एक घंटे बाद मशीन चालू हुई।
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इस अवस्था बिगड़ने से किसानों को खाद केंद्रों पर परेशानी का सामना करना पड़ा। वीरवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव की देखरेख में वितरित की गई। बुधवार को एक हजार डीएपी के बैग खाद केंद्र पर पहुंचे। किसानों का आरोप है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाद वितरण में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाइन में लगे लोगों को खाद देने के बजाय चहेते किसानों को बीच से खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि वे सुबह के समय केंद्र पर पहुंच गए थे और खाद लेने के लिए लाइन में लग गए। दोपहर बाद तक इंतजार करने के बावजूद कई किसानों का नंबर नहीं आया। इससे किसानों में नाराजगी देखने को मिली।

खाद केंद्र कर्मचारी नरेंद्र ने बताया कि बुधवार को एक हजार बैग डीएपी के खाद केंद्र पर पहुंच गए। दो दिन में किसानों को खाद वितरित किया गया। वहीं 800 बैग एनपीके बचे हुए हैं। उन्होंने बताया कि एक किसान को एक एकड़ के हिसाब से दो डीएपी व एक एनपीके के बैग दिए जा रहे हैं। मशीन में कुछ दिक्कत होने के कारण नेटवर्क चला गया था। एक घंटे बाद मशीन चालू होते ही खाद के बैग वितरित किए गए। वीरवार को किसानों को 300 बैग किए गए। करीब 40 किसान बिना खाद के वापस लौटना पड़ा। शनिवार को 900 डीएपी खाद आने की संभावना है।
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वह डीएपी खाद को लेकर सुबह से लाइन में लगा हुआ है। सुबह से बार-बार मशीन बंद होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। एक किसान को आधे घंटे का समय लिया जा रहा है। दोपहर बाद तक समय नहीं आया है।

- जगदीप, भगडाना

उसने दस एकड़ जमीन की बुवाई करनी है। इसके लिए उसे कम से कम पांच से सात बैग डीएपी के चाहिए। लेकिन एक किसान को मेरी फसल मेरी ब्योरा के तहत पंजीकृत जमीन के तहत उसे दो से तीन खाद के बैग दिए जा रहे हैं। इससे उसे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

- नरेश कुमार, बसई

वह दो दिन से डीएपी खाद को लेकर केंद्र के चक्कर लगा रहा है। सुबह से लंबी लाइन में लगा हुआ है। कर्मचारी कहते हैं। मशीन खराब हो गई है। तो कुछ और जवाब दिया जा रहा है। रबी सीजन की फसलों की बुवाई के लिए डीएपी की आवश्यकता होती है।

- देशराज, बुचौली

सुबह से लाइन में खड़ा होकर खाद लेने के लिए परेशानी उठा रहे हैं। वहीं कुछ किसान लाइन के बीच में आकर खड़े हो रहे हैं, जिससे सुबह से इंतजार कर रहे किसानों का नंबर पीछे हो जा रहा है। केंद्र की ओर से कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए ताकि लाइन के बीच में किसान न लग सकें।

राजेश, रिवासा

वर्जन:

सरकारी खाद केंद्र पर बुधवार को एक हजार बैग पहुंचे थे। दो दिन में डीएपी के बैग किसानों को वितरित किया जा चुका है। वीरवार को मशीन में कुछ दिक्कत होने के कारण बंद हो गई थी। उसके बाद दोबारा से किसानों को खाद वितरित किया गया। पांच हजार डीएपी बैगों की डिमांड भेजी गई है। शनिवार को एक हजार बैग आने की संभावना है। किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जगराम, मैनेजर, हैफड, महेंद्रगढ़

फोटो संख्या:54- सरकारी खाद  केंद्र के बाहर डीएपी खाद को लेकर लगी किसानों लाइन--संवाद

फोटो संख्या:54- सरकारी खाद  केंद्र के बाहर डीएपी खाद को लेकर लगी किसानों लाइन--संवाद

फोटो संख्या:54- सरकारी खाद  केंद्र के बाहर डीएपी खाद को लेकर लगी किसानों लाइन--संवाद

फोटो संख्या:54- सरकारी खाद  केंद्र के बाहर डीएपी खाद को लेकर लगी किसानों लाइन--संवाद

फोटो संख्या:54- सरकारी खाद  केंद्र के बाहर डीएपी खाद को लेकर लगी किसानों लाइन--संवाद

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