पंजाब के 22 जिलों के सुविधा सेंटरों में मंगलवार को भी ताला लटका रहा। पंजाब स्टेट सुविधा कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की बेनतीजा रही।
यूनियन ने अपना धरना जारी रखने का फैसला लिया है। उधर, सरकार आंदोलन को खत्म करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रही है। सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड पर धरने में बैठे सुविधा कर्मचारियों ने मंगलवार को पंजाब के खिलाफ नारेबाजी की। हजारों की तादाद में सभी जिलों से आए सुविधा कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार उनका शोषण कर रही है।
सुविधा कर्मचारियों को प्रतिमाह सात-नौ हजार रुपये एकमुश्त वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारी नियमित करने व सरकारी कर्मचारियों के बराबर अन्य भत्तों की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसके संधू के साथ हुई बातचीत के बाद एसोसिएशन के प्रधान ओपी राणा ने बताया कि सरकार इसके लिए पालिसी बनाने को तैयार नहीं है। सरकार की दलील है कि सोसाइटी के चेयरमैन चूंकि डीसी हैं लिहाजा उनको सोसाइटी की वित्तीय स्थिति देखने के बाद वेतन बढ़ाने का अधिकार है।
उधर, जिलों के डिप्टी कमिश्नरों ने यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक में कहा है कि जब तक सरकार इसे लेकर कोई पालिसी नहीं बनाती वह अपने स्तर पर कोई निर्णय नहीं ले सकते। उधर, पटियाला के डिप्टी कमिश्नर द्वारा नई भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले जाने के बाद सुविधा कर्मचारियों का रोष दोगुना हो गया है।
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन खत्म करने के लिएओछे हथकंडे अपना कर नाजायज दबाव बना रही है।