भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के समधी जगदीश लाल अरोड़ा (80 ) का दिल को दौरा पड़ने से निधन हो गया। जगदीश लाल सरायतरीन में अपना क्लीनिक चलाते थे। अस्वस्थ होने पर उन्हें 20 अक्तूबर को दिल्ली में भर्ती कराया गया था। मगंलवार की देर रात उनका निधन हो गया। मंगलवार की दोपहर हयातनगर स्थित श्मशान घाट में उनके बेटे डा. अतुल अरोड़ा ने उन्हें मुखाग्नि दी। उनके अंतिम संस्कार में सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और डाक्टर शामिल रहे।
संभल की उपनगरी सरायतरीन के मोहल्ला भाले भाज खां में जगदीश लाल अरोड़ा छह दशक से क्लीनिक चला रहे थे। वह बहुत कम शुल्क लेकर दरिद्र नारायण की सेवा कर रहे थे। देश के विभाजन के बाद 1948 में वह पाकिस्तान से संभल जिले के सरायतरीन में आकर बसे थे। उनकी छोटी पु़त्री सुगंधि की शादी वर्ष 2004 में प्रणब मुखर्जी के पुत्र इंद्रजीत मुखर्जी के साथ हुई।
इसी के साथ सरायतरीन का पारिवारिक रिश्ता रायसीना हिल्स से जुड़ गया था। देश के प्रथम नागरिक से रिश्ता जुड़ने के बाद भी डा. जगदीश लाल अरोड़ा बड़ी सादगी के साथ से रहते थे। सरायतरीन से उनका बहुत ज्यादा लगाव था। हाल में ही 20 अक्तूबर को दिल का दौरा पड़ने से उनकी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए दिल्ली लेकर पहुुंचे जहां उनका उपचार चल रहा था। मंगलवार को देर रात दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन की खबर आते ही सरायतरीन में शोक की लहर दौड़ गई। तमाम लोग उनके निवास पर पहुंचे। गडा. सुरेद्र प्रसाद शर्मा, संजय सांख्यधर, ब्रह्मानंद वार्ष्णेय, वीरेंद्र आर्य, साहू सतेंद्र आर्य, लक्ष्मीनिवास, प्रियरतन आर्य शोक व्यक्त किया है।