आखिरी दिन मंगलवार को भाजपा की अभिलाषा गुप्ता नंदी तथा कांग्रेस के विजय मिश्रा समेत महापौर के लिए 11 लोगों ने नामांकन किया। प्रत्याशी बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ नामांकन के लिए पहुंचे थे। प्रत्याशियों की अधिक संख्या की वजह से नामांकन की प्रक्रिया देर शाम तक चली। इस तरह से सात दिन चली प्रक्रिया के अंतर्गत कुल 24 लोगों ने नामांकन किया। बुधवार से नामांकन पत्रों की जांच होगी। दावेदार 10 नवंबर को नाम वापस ले सकेंगे। 11 को प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी करने के साथ सिंबल दे दिया जाएगा।
नामांकन के लिए आखिरी दिन सुबह से ही सरगर्मी रही। नामांकन के दौरान अभिलाषा के साथ पति कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री डॉ.नरेंद्र सिंह गौर, पूर्व महापौर केपी श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष अवधेश गुप्ता, विधायक नीलम करवरिया, अजय भारती, सुबोध सिंह आदि मौजूद रहे। कांग्रेस के विजय मिश्रा भी बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचे। बैरहना से वाहनों का जुलूस शुरू हुआ जो विभिन्न मार्ग होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। समर्थक नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। नामांकन के दौरान पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह, जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी, पूर्व महापौर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह, किशोर वार्ष्णेय, जावेद उर्फी आदि मौजूद रहे। दोनों प्रत्याशियों के साथ प्रस्तावकों तथा कुछ प्रमुख लोगों को ही परिसर में जाने दिया गया। अन्य लोगों को कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर रोक दिया गया। मंजेश कुमार ने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी से नामांकन किया। इनके अलावा मंगलवार को अशोक कुमार, सरवर हुसैन, शौर्य दीप, सुधांशु कलश शुक्ला, राजेश कुमार उपाध्याय, राजीव कुमार, आशा केशरवानी और कुंवरजी ने नामांकन किया।
नहीं पहुंचे केशव और सिद्धार्थनाथ
अभिलाषा गुप्ता के नामांकन में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री डॉ.सिद्धार्थनाथ सिंह को भी शामिल होना था लेकिन दोनों नेता इलाहाबाद में नहीं थे। चूंकि भाजपा में महापौर के टिकट को लेकर आखिरी समय तक घमासान मचा रहा और सोमवार को अभिलाषा का नाम फाइनल हुआ। ऐसे में घोषणा के बावजूद इन दोनों नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं रहीं। हालांकि, पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि कैबिनेट की बैठक की वजह से दोनों नेता नहीं आ पाए।