पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में सीआरपीएफ ने एक कदम आगे बढ़ाया है। निजी संस्था के सहयोग से न सिर्फ सीआरपीएफ का कूड़ा निस्तारण हो रहा है, बल्कि कूड़े से खाद भी तैयार की जा रही है। बाद में यह खाद सीआरपीएफ कालोनी के बाशिंदों और किसानों को दे दी जाती है, जिसका प्रयोग लोग घरों में लगे गमलों व किसान अपने खेतों में करते हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के तमाम आदेशों के बाद भी सरकारी स्तर पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस उपाए नहीं किए जा रहे हैं। इस सबके बीच ज्ञान ज्योति शिक्षा समिति ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक छोटा प्रयास शुरू किया है। सीआरपीएफ के सहयोग से शुरू हुए इस प्र यास के तहत संस्था की ओर से परिसर के पूरे कूड़े का निस्तारण किया जाता है।