ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाने के खिलाफ सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल शुक्रवार को 17वें दिन भी जारी रही। इस दौरान सर्राफा बाजार की सभी दुकानें बंद रहीं। वहीं, सर्राफा कारोबारियों ने केला बेचकर ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाने का विरोध किया।
कारोबारियों ने एलान किया है कि एक्साइज ड्यूटी हटाने तक आंदोलन जारी रहेगा। बृहस्पतिवार को दिल्ली रैली से लौटे सर्राफा कारोबारियों की सर्राफा बाजार में मीटिंग हुई। इस मौके पर मुकेश आर्य ने कहा कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। केंद्र सरकार एक ओर जहां व्यापारियों को इंस्पेक्टर राज से मुक्ति दिलाने की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर ज्वैलरी पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन की घोषणा के मुताबिक आगामी फैसले तक पूरे देश में सर्राफा कारोबार बंद रहेगा। इस मौके पर दिलीप रस्तोगी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने हठ पर अड़ी हुई है। इससे सरकार को अब तक एक हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस कानून को वापस नहीं ले लेती है। देशभर में सर्राफा कारोबारी हर मंच से इसका विरोध करेंगे। इस मौके पर परितोष चांदीवाला, विनोद कुमार गप्पल, अशेष अग्रवाल, राकेश मिश्रा, नितिन रस्तोगी, अमित रस्तोगी, प्रमोद अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, चंद्र प्रकाश, प्रेम किशोर, विनीत अग्रवाल आदि रहे।