23-आईआईएम में मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस के दौरान मौजूद निदेशक प्रो. धीरज व अन्य। स्रोत: संस्थान
रोहतक। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक में 24 अक्तूबर को मैनेजमेंट कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कारोबार के नए नियम और निरंतर बदलाव के दौर में शिक्षा जगत और उद्योग के बीच तालमेल पर 50 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षाविदों ने अपनी बात रखी।
इसमें कारोबार की बदलती रणनीतियों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नवाचार, नेतृत्व और रोजगार के भविष्य पर मंथन हुआ। सम्मेलन के माध्यम से पीजीपी के 600 से अधिक विद्यार्थियों को उद्योग जगत के विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिला। निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने कहा कि संस्थानों को स्थिरता और बदलाव के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहिए। बदलाव का उद्देश्य स्पष्ट होना जरूरी है।
भविष्य की चुनौतियों पर हुई चर्चा
बीएसई, एचडीएफसी पेंशन फंड प्रबंधन लिमिटेड और कोकुयो कैमलिन सहित प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्राहकों की जरूरतों, नवाचार और कारोबारी रणनीतियों पर विचार रखे। जॉनसन एंड जॉनसन, हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज, नेटवर्क18, मर्क हेल्थकेयर, ओमैक्स, निवा बूपा, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया और थॉमसन रॉयटर्स सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने चार पैनल चर्चाओं में भाग लिया। चर्चाओं में कारोबारी साझेदारियों और साझा मूल्य निर्माण, आर्थिक अनिश्चितताओं में वित्तीय प्रबंधन, एआई के साथ मानवीय क्षमताओं के उपयोग तथा डिजिटल युग में कॅरिअर के अवसरों पर मंथन हुआ। पैनल चर्चाओं के निष्कर्षों के आधार पर कॉन्सेप्ट पेपर तैयार किया जाएगा, जिसमें उद्योग, नीति निर्माण और प्रबंधन शिक्षा के लिए सुझाव शामिल होंगे।