धामपुर में इसाई मिशनरी की ओर से कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराने के मसले पर हिंदूू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने गांव बनावली में चल रहे सत्संग समारोह में हंगामा किया। पंडाल को उखाड़ कर फेंक दिया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने सत्संग में शामिल भक्तों के साथ मारपीट की। उधर, कई भक्तों ने कहा कि कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। हिंदू युवा वाहिनी के लोग बेवजह उनके पीछे पड़े हैं। दूसरी तरफ पुलिस ने ईसाई मिशनरी के दो अनुयायियों को हिरासत में ले लिया है। कोतवाल मुनीशचंद शर्मा ने कहा कि मामले की जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई होगी।
बनावली गांव के धर्मेंद्र कुमार, हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी विनीत कुमार, बेगराज सिंह आदि का आरोप है कि गांव बनावली में जयपाल सिंह जाट के घर में पिछले एक साल से ईसाई मिशनरी के लोगों का आना जाना है। प्रत्येक माह की 25 तारीख को उनके घर पर सत्संग होता आ रहा है। सत्संग में बाहर से सैकड़ों लोग शामिल होते हैं। रविवार को भी गांव में जयपाल सिंह के घर में सत्संग चल रहा था। इनकी सूचना गांव के लोगों ने हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी डॉ. एनपी सिंह को दी।
धर्म परिवर्तन की सूचना पर गए गांव में: एनपी सिंह
bijnor bawal
- फोटो : अमर उजाला
मंडल प्रभारी कार्यकर्ताओं के साथ गांव में पहुंचे। आरोप है कि सत्संग में पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने भक्तों पर हमला बोल दिया। कार्यकर्ताओं ने मकान की छत पर लगे सत्संग पंडाल को उखाड़ कर फेंक दिया। उधर, पीपलसाना गांव के प्रधान अहसान ने ऐसी किसी मामले के संज्ञान में होने से इंकार किया है। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने इस दौरान मौके से भारी संख्या में ईसाई मिशनरी का साहित्य बरामद किया है। कोतवाल ने कहा कि पुलिस ने मौके से कोई साहित्य बरामद नहीं किया है।
धर्म परिवर्तन की सूचना पर गए गांव में: एनपी सिंह
मंडल प्रभारी डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि उन्हें इस गांव में धर्म परिवर्तन होने की काफी दिनों से शिकायत मिल रही थी। रविवार को मौके पर पहुंचा तो ग्रामीणों की बात सही मिली। ईसाई मिशनरी के दो युवकों को पकड़ कर पुलिस को सौंपा है। गांव धर्मशा नंगली के संसार ने कहा कि कार्यक्रम में कोई धर्म परिवर्तन नहीं कराया जाता है। उनकी पुत्री बीमार है। अभी दो बार ही सत्संग में गए थे। उनकी पुत्री ठीक होने लगी है। गांव पखनपुर के ध्यान सिंह, सुखदेई, नगीना के जगतवीर सिंह , प्रकाशो, कुसुमा, सविता, विमला, गुड्डी, सिजौली निवासी सरोज का कहना है कि वह तो वैसे ही बीमार हैं।