कन्नौज। सियासी पंडितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जिले में प्रस्तावित जनसभा को कई मायनों में खास बताया है। पूर्व सीएम अखिलेश यादकी कर्मभूमि कन्नौज के बोर्डिंग मैदान से पहली बार वह लोगों को संबोधित करेंगे। सभी राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में जुटे हैं।
मतदान 29 नवंबर को होना है। उससे पहले भाजपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। यही कारण है जिले में पहली बार निकाय चुनाव में भाजपा से कोई बड़ा नेता पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शहरवासियों से भाजपा प्रत्याशियाें को जिताने की अपील करेगा।
जिस जनपद में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक का आवास हो और आवास से कुछ दो किलोमीटर की दूरी पर सूबे के सीएम की जनसभा यह बताती है कि भाजपा के लिए निकाय चुनाव के क्या मायने हैं।
सदर पालिका पर निवर्तमान पालिकाध्यक्ष सरोज पाठक भाजपा से ही हैं। विदित हो कि इससे पहले का चुनाव उन्होेंने पूरे प्रदेश में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी, लेकिन निकाय चुनाव में शहर में योगी आदित्यनाथ जैसे धुरंधर नेता की रैली से साफ है कि कि पूर्व में विधानसभा चुनाव के बाद शहर भाजपा संगठन में उपजी गुटबाजी को योगी सीएम की रैली के जरिए भाजपा पूरी तरह से खत्म करना चाहती है।
पूर्व विधानसभा चुनाव में जिले की तिर्वा व छिबरामऊ विधानसभा सीट भाजपा ने सपा के कब्जे से छुड़ाई थी, लेकिन सदर विधानसभा सीट पर भाजपा को मामूली अंतर से हार मिली थी। इसके तत्काल बाद मतगणना स्थल से ही भाजपा के एक गुट ने दूसरे गुट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी।
कई दिन तक गुटबाजी सोशल मीडिया पर भी दिखाई पड़ी थी। जो सदर कोतवाली तक भी पहुंची और समाचार पत्रों की सुर्खियां भी बनी थी। भाजपा इसी गुटबाजी की खाई को पाटने में जुटी हुई है। सूत्रों की माने तो जिले के नेताओं को इसमें सफलता न मिलने पर ही मुख्यमंत्री की रैली का आयोजन रखा गया है।
विदित हो कि अभी निकाय चुनाव में सदर सीट पर भाजपा में गुटबाजी साफ दिखाई पड़ी। टिकट के लिए कई कार्यकर्ताओं ने आवेदन किए, लेकिन टिकट बंटवारे के बाद भाजपा एक गुट निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में मैदान में है।
उस प्रत्याशी को ही बैठाने के लिए बीती नौ नवंबर को नामांकन से एक दिन पहले भाजपा के कई बड़े नेताआें ने शहर के एक निजी होटल में बैठक कर करीब छह घंटे तक निर्दलीय प्रत्याशी को बैठाने की कोशिश की।
उसके न मानने पर भाजपा ने घोषित प्रत्याशी का 10 नवंबर को नामांकन कराया था। सूत्राें की माने तो इस पूरी स्थिति से भी योगी आदित्यनाथ को अवगत करा दिया गया और जानकार बतातें है कि उसके बाद ही भाजपा ने योगी आदित्यनाथ की रैली कन्नौज में आयोजित की है।
भाजपाई आज से ही करेंगे जनसंपर्क
सूबे के सीएम पहली बार कन्नौज आ रहे हैं। ऐसे में भाजपाइयों के लिए भी रैली में भीड़ जुटाकर उसे सफल बनाना बड़ी चुनौती होगी। सूत्रों की माने तो कार्यक्रम की आधिकारिक सूचना आने के बाद भाजपा नेताआें ने सभी पालिकाध्यक्ष पद व पंचायत पद के प्रत्याशियों को रैली के संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए है। भाजपा की मैन बाडी से लेकर आईटी सेल व सभी प्रकोष्ठाें को रैली में भीड़ जुटाने के संबंध में दिशा-निर्देश मिल गए हैं। सूत्राें ने बताया कि सोमवार 20 नवंबर से ही रैली को लेकर जनसंपर्क करने के निर्देश दिए गए है। भाजपा ने अपने सभी बूथ प्रमुखों को इस संबंध में सूचित कर दिया है।
प्रबुद्धजनों के साथ भी हो सकती है मुलाकात
कन्नौज। माना जा रहा है कि चुनावी रैली करने के बाद शहर व जिले के सभी पालिका व पंचायत क्षेत्रों के कुछ पुराने वरिष्ठ भाजपा नेताआें व प्रबुद्ध वर्ग से सीएम योगी मुलाकात करेंगे। उन सभी से चुनाव पर ही चर्चा की जाएगी। पालिका चुनाव के संबंध में उनकी राय मशवरा लेकर उस पर भी काम किया जाएगा। प्रबुद्व व वरिष्ठ वर्ग की बैठक के पीछे माना जा रहा है कि वह सभी तरह की नाराजगी उन्हें अपने विश्वास में लेकर खत्म करना चाहते है। क्योंकि भाजपा भी इसे करीब एक वर्ष बाद होने वाले लोकसभा के फाइनल के तौर पर लेकर चल रहे हैं।