भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सीएम हेल्पलाइन मजबूत हथियार साबित हुई है। योगी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश में हुए घोटालों पर सरकार ने पैनी नजर रखते हुए विभिन्न स्तरों पर कड़ी कार्रवाई की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार के एक एसडीएम को डिमोट करते हुए तहसीलदार बनाया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में भ्रष्टाचार के मामलों के अपराधियों को जेल भेजा। डीएचएफएल से लेकर रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद बाल पुष्टाहार का नियम बदला गया। प्रदेश में स्मारकों के घोटाले में दोषी पाए जाने वाले लोगों की गिरफ्तारी की गई। राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए पॉश मशीनों का उपयोग किया गया।
1500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई
प्रदेश में घोटालों के आरोपियों के खिलाफ योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। बता दें कि योगी सरकार में 1500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा है। इसके अलावा पंचायती राज विभाग के 12 अधिकारियों को निलंबित किया गया। भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत के लिए आईजीआरएस सीएम पोर्टल भी बनाया गया।
हेल्पलाइन से मिला सहारा
प्रदेशवासियों की समस्याओं का त्वरित निवारण करने के लिए शुरू की गई 1076 हेल्पलाइन से लोगों को सीधे तौर पर मदद मिल रही है। प्रदेशवासी अब बेझिझक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर संपर्क कर रहे हैं। सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के आधार पर फील्ड में तैनात अधिकारियों के प्रदर्शन का आंकलन किया जा रहा है। सीएम ने साफ कहा है कि अगर जनता इनके कार्यों से संतुष्ट नहीं है तो इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। भाजपा ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने की बात कही थी।