बहादुरगढ़। हर बार बारिश में इस बार भी बहादुरगढ़ जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। स्टॉर्म वाटर सिस्टम न होने के कारण सड़कों पर कई-कई फीट तक पानी भर गया है। घरों से लोग नहीं निकल पा रहे हैं। नगर परिषद ने अर्बन ड्रेनेज सिस्टम के तहत करीब 200 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया लेकिन बजट अधिक होने के कारण दो जोन के लिए करीब 42 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है।
करीब चार माह पहले विभागीय मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजा गया था लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है। परियोजना पर आमजन से राय भी ली जा रही है। इसके बाद सरकार बजट उपलब्ध कराने पर फैसला करेगी।
नगर परिषद ने पहली बार शहर के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम की योजना बनाई है। पहले चरण में हर साल सबसे अधिक जलभराव होने वाले दो जोन को प्राथमिकता दी गई है।
पहले जोन में सेक्टर-2, सेक्टर-6 और सेक्टर-7 को शामिल किया गया है जबकि दूसरे जोन में रोहतक रोड से लाइनपार के पूरे क्षेत्र को रखा गया है। इन दोनों जोन में तीन सेक्टरों के अलावा 30 से अधिक कॉलोनियां आती हैं जहां एक लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। बरसात में इन क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को घर से बाहर निकलने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
प्रोजेक्ट के तहत 500 एमएम से 1800 एमएम तक की करीब 29 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इन पाइपलाइनों और नालों के जरिए बारिश के पानी को एकत्र कर छोटूराम नगर और नजफगढ़ रोड के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से ड्रेनों तक पहुंचाया जाएगा।
नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी का कहना है कि पूरे शहर के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने की योजना है लेकिन शुरुआत सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों से की जा रही है। यदि सरकार से जल्द मंजूरी और बजट मिल जाता है तो बहादुरगढ़ में पहली बार वैज्ञानिक तरीके से बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था विकसित होगी। इससे जलभराव से मुक्ति मिलेगी।
पाइप की साइज एवं कुल लंबाई
पाइप का आकार कुल लंबाई (मीटर)
500 एमएम
2680
600 एमएम
8425
700 एमएम
5255
800 एमएम
1375
900 एमएम
8870
1200 एमएम
1035
1800 एमएम 1500
कुल लंबाई 29.14 किलोमीटर
फोटो-55: बहादुरगढ़ के नक्शे पर अर्बन ड्रेनेज सिस्टम के तहत बनाए गए जोन-1 व जोन-2- फोटो : Healt Department