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आंगनबाड़ी में आ रहे नौनिहाल, अब तक नहीं हुई छुट्टियां

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30jjrp09- आंगनबाड़ी केंद्र में अक्षर ज्ञान लेते बच्चे। स्रोत : यूनियन
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साल्हावास। सरकारी स्कूलों में छुट्टियां 25 मई से घोषित कर दी गई हैं लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों और प्ले स्कूलों के लिए अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

इससे छोटे बच्चों और आंगनबाड़ी कर्मचारियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों की उम्र स्कूल जाने वाले बच्चों से काफी कम होती है। इसके बावजूद उन्हें तेज गर्मी में केंद्रों तक पहुंचना पड़ रहा है।
जिले के अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कई केंद्र एक-दो कमरों में संचालित हो रहे हैं और इनमें कूलर तक की सुविधा नहीं है। बच्चों को पंखों के सहारे रखा जाता है जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
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हरियाणा बाल विकास आंगनवाड़ी यूनियन की राज्य प्रधान छोटा गहलावत ने बताया कि गर्मी बढ़ने से केंद्रों में आने वाले बच्चों की संख्या घट गई है। छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। सुबह 8:45 बजे से दोपहर 2:45 बजे तक खुले रहने वाले केंद्रों में दोपहर की गर्म हवाओं से बच्चों को बचाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने छुट्टियां बढ़ाने की मांग की

आंगनबाड़ी केंद्रों में सामान्यत 1 से 20 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता है। इस बार अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों की छुट्टियां पहले ही घोषित की जा चुकी हैं जो 30 जून तक हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों में भी नौनिहालों, आंगनबाड़ी वर्करों और सहायिकाओं को अवकाश दिया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि छोटे बच्चों पर गर्मी का प्रभाव अधिक होता है और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। आंगनबाड़ी नौनिहालों के लिए भी छुट्टियां 30 जून तक बढ़ाने की मांग की गई है।

बच्चों को परोसे जाने वाले पोषाहार की कमी

आंगनबाड़ी यूनियन की जिला प्रधान बालेश जाखड़, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता, सजना, राजबाला, शकुंतला, कृष्णा, नरेश, दलवंती और सुरेश ने बताया कि पिछले तीन महीनों से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार नहीं है।
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इस बारे में उपायुक्त, महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी और महानिदेशक को पत्र भेजकर तथा ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाया जा चुका है। उनका कहना है कि जब आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए पोषाहार ही नहीं है, तो उन्हें पूरे दिन केंद्रों में क्यों बुलाया जा रहा है।
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