झज्जर। ऐतिहासिक विरासत संजोए छुछकवास में जल निकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के मौसम में ग्रामीणों को गांव और खेतों दोनों जगह जलभराव का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था की बदहाली भी एक बड़ी समस्या है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी वाले गांव की समस्याओं की ओर जिला प्रशासन पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, छुछकवास की आबादी करीब 9500 है और अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं। नौकरी-पेशा से जुड़े लोगों की भी गांव में कृषि भूमि है जिससे उनका जुड़ाव खेती से बना रहता है। बारिश के दौरान खेतों में पानी भर जाने से किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और सरकार के समक्ष मांग रखी जा चुकी है। जल निकासी के लिए पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन पानी को लिफ्ट कर नहर तक पहुंचाने के लिए मोटर नहीं लगाई गई। ऐसे में यह परियोजना फिलहाल बेअसर साबित हो रही है।
पशुओं के लिए नहीं है तालाब : छुछकवास अब गांव से बढ़कर कस्बे का स्वरूप ले चुका है। यहां बनने वाली ट्रैक्टर ट्रॉलियां देशभर में अपनी पहचान रखती हैं और दूर-दराज के किसान इन्हें खरीदने आते हैं। इसके बावजूद गांव में कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के लिए स्वच्छ तालाब उपलब्ध नहीं हैं। गांव के मौजूदा तालाबों में गंदा पानी भरा रहता है जिसमें गांव का दूषित पानी और वर्षा जल जमा हो जाता है। तालाबों के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति लगातार खराब बनी हुई है।
20jjrp10 नेतानंद।- फोटो : Samvad
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