denominations of 50 and 100 rupee
नोट बंदी के बाद से आयकर विभाग ने ज्यादातर बैंकों से डाटा उपलब्ध करा लिया है। अब खातों और उनमें होने वाले लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद अगले सप्ताह से बड़े पैमाने पर लेनदेन करने वाले और खातों में पैसा जमा करने वालाें से पूछताछ और ब्योरा लेने की तैयारी है।
जिले में 42 सरकारी, निजी और ग्रामीण बैंकों की 431 शाखाओं का पूरा रिकार्ड खंगाला जा रहा है। नोटबंदी के बाद से नए खातों, लेनदेन की गहनता से पड़ताल चल रही है। आयकर के अधिकारियों का कहना है कि खाताधारकों की संख्या काफी है। इससे एक साथ ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है।
जांच में आसानी हो, इसके लिए अलग-अलग बैंकों की शाखाओं पर निगरानी के लिए टीम बनाई गई है। आयकर विभाग इसकी भी पड़ताल कर रहा है कि पुराने नोट बदलने के दौरान जिन लोगों ने आईडी प्रूफ लगाया है, उनकी वार्षिक आय क्या है।
एक आईडी पर कितने बैंकों से कितने रुपये बदले गए। ऐसे आईडी की भी पहचान की जा रही है। इसके लिए आयकर विभाग की कई टीमें लगी हैं। अधिकारी बैंकों से लगातार संपर्क में हैं। रोजाना पूरा विवरण लेकर अपने स्तर से जांच कर रहे हैं।
इसके अलावा होटलों और लॉन में होने वाली शाही शादियों पर भी आयकर विभाग की नजर है। नोटबंदी के बाद ऐसी शादियों पर कैसे इतनी धनराशि खर्च हुई। इसकी पड़ताल चल रही है। आयकर विभाग ऐसे लोगों को भी नोटिस भेजेगा।
बता दें कि डाफी, मोहनसराय बाईपास, अमरा अखरी, बाबतपुर, शिवपुर, आशापुर, चिरईगांव, चितईपुर आदि क्षेत्रों में लोगों ने जबरदस्त प्रॉपर्टी में इनवेस्ट कर रखा है।