समर संवाद में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से वर्तमान दौर की चुनौतियों पर की चर्चा, छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर बांधा समा
झज्जर। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं को शेयर करने से बचना चाहिए क्योंकि आपकी एक गलती लोगों को पैनिक कर सकती है। इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी के बारे में भी हम सभी को तार्किक समझ भी विकसित करनी होगी, नहीं तो लोग साइबर सिक्योरिटी के सहारे हम सभी को शिकार बनाएंगे।
आज के इस दौर में देश, समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए एआई का प्रयोग करना होगा। साथ ही इसके नकारात्मक पहलुओं पर गौर करना होगा जिससे हम अपने प्रयोग के हिसाब से इसको उपयोग में ले सकें। ये बातें बुधवार को नेहरू महाविद्यालय में आयोजित समर संवाद कार्यक्रम में मेजर जनरल सुधीर जाखड़ ने कहीं।
उन्होंने क्रिप्टो करेंसी के बारे में भी विद्यार्थियों को आगाह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें केवल डिग्री ही नहीं लेनी है बल्कि विषयों में विशेषज्ञता भी हासिल करनी होगी। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। अब युद्ध की परिभाषा बदल गई है और आर्थिक युद्ध तथा साइबर युद्ध भी इसके रूप हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल सामान्य डिग्री के भरोसे पर न रहें बल्कि विशेषज्ञ बनें।
अर्चना त्यागी ने 2026 में भारत की आंतरिक सुरक्षा की गतिशीलता और माओवादी अंत से उभरते खतरों तक विषय पर चर्चा की। रिटायर्ड आईपीएस यशोवर्द्धन झा आजाद ने कहा कि आंतरिक मजबूती के बिना कोई भी राष्ट्र अपना शक्ति प्रदर्शन नहीं कर सकता। आज का युद्ध साइबर हमले, गलत सूचनाओं और एआई और तकनीक से भी लड़ा जा रहा।
एसओएएस यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के प्राध्यापक डॉ. बुरजीन वाघमार ने आज के ज्वलंत मुद्दे अमेरिका-ईरान की टकराव की नीति तथा भारत के सामाजिक सद्भाव और ऊर्जा सुरक्षा पर इसके असर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पास पर्याप्त संसाधन है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
यह संगोष्ठी रक्षा अध्ययन विभाग एनसीसी, पूर्व विद्यार्थी संगठन और गवांड फाउंडेशन भदानी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित की गई थी। इस अवसर पर सीआरपीएफ के रिटायर्ड एडीजी जेएस गिल, प्राचार्य प्रो. दलबीर सिंह, प्राध्यापक डॉ. श्रीकृष्ण दूहन डॉ. पुष्पेंद्र काद्यान, कर्नल योगेंद्र सिंह, डॉ. प्रताप फलसवाल, श्रीकिशन चाहर, डॉ. कविता, हर्षिता शर्मा, विप्लव शर्मा और अलका सैनी, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुरेंद्र कुमार पूनिया, पूर्व विद्यार्थी संगठन के उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह, पूर्व प्राचार्य डॉ. रवि किरण मदान, रमेश रोहिल्ला मौजूद रहे।
18jjrp10- राजकीय पीजी नेहरू कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता। स्रोत-कॉलेज- फोटो : Samvad