फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: शराब ठेकों पर खपाने के लिए लाए थे 45 हजार के जाली नोट, एटीएस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया

Tue, 06 Feb 2024 10:42 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

शराब व भांग के ठेकों पर जाली नोट खपाने के लिए लेकर आए दो तस्करों को एटीएस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अंबेडकर नगर जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल तक जाली नोट की खेप लाई जाती है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी एटीएस की टीम ने 45 हजार रुपये के 500 के जाली नोटों के साथ दो तस्करों को रिंग रोड के आजमगढ़ अंडरपास से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि दोनों अंबेडकर नगर और आसपास के जिलों के शराब व भांग के ठेकों और फूल मंडियों में खपाने के लिए जाली नोट की खेप लेकर आए थे।

विज्ञापन


आरोपियों की पहचान अंबेडकर नगर जिले के टांडा थाना के चिंतौरा निवासी अंकुर मौर्य और विपिन गुप्ता उर्फ अवनीश के रूप में हुई है। दोनों के पास से जाली नोटों के अलावा आधार कार्ड, मोबाइल और पश्चिम बंगाल के फरक्का का रेल टिकट मिला। दोनों के खिलाफ लालपुर पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

एटीएस की वाराणसी यूनिट को सूचना मिली थी कि दो लोग पश्चिम बंगाल के फरक्का से जाली नोट की खेप लेकर ट्रेन से आ रहे हैं। वाराणसी से वह सड़क मार्ग से आजमगढ़ होते हुए अंबेडकर नगर जाएंगे। इस सूचना के आधार पर दोनों को आजमगढ़ अंडरपास के समीप से गिरफ्तार किया गया। इससे पहले गत 27 जनवरी को एटीएस ने वाराणसी से ही प्रतापगढ़ जिले के दीपक कुमार और चंदन सैनिक को गिरफ्तार कर 97500 रुपये के जाली नोट बरामद किए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

500 रुपये में 500 रुपये के तीन जाली नोट

एटीएस की पूछताछ में सामने आया कि बांग्लादेश के रास्ते पश्चिम बंगाल तक जाली नोट की खेप लाई जाती है। वहां 500 रुपये के एक असली नोट के बदले में 500 रुपये के तीन जाली नोट मिलते हैं। शराब व भांग ठेकों पर जाली नोट खपाने के लिए सेल्समैन से भी सांठगांठ की जाती है। फूल मंडियों में सुबह के समय ज्यादातर दुकानदारों के हाथ पानी से भीगे होते हैं, तो वहां जाली नोट चलाने में दिक्कत नहीं आती है।
 
दोनों आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2021 में दोनों के खिलाफ अंबेडकर नगर के टांडा थाने में जानलेवा हमला सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज हुआ था। दोनों जेल गए तो जाली नोटों की तस्करी करने वाले प्रतापगढ़ के माधोपुर लालगंज निवासी अच्छेलाल चौरसिया से जान-पहचान हुई। जेल से जमानत पर छूटने के बाद अच्छेलाल के माध्यम से पश्चिम बंगाल जाकर इंद्रजीत मंडल की मदद से जाली नोट लाकर वह खपाने लगे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें