आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार की दोपहर जननी सुरक्षा योजना और मानदेय समेत अन्य बकाए के भुगतान को लेकर पीएचसी पर हंगामा किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर ताला जड़ बीपीएम व लिपिक को बंधक बना लिया। मौके पर पहुंचे चिकित्साधिकारी डॉ. एस के लिखित आश्वासन के बाद कार्यकर्ता शांत हुए तथा दोनों को मुक्त किया।
आशा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से जननी सुरक्षा, पोलियो, नसबंदी, टीकाकरण कार्यों का मानदेय अभी तक बकाया है। कहा कि कई बार शिकायत के बाद भी भुगतान देने में हीलाहवाली करते हैं। मजबूरन हमें यह कदम उठाना पड़ा। इस दौरान मौका देख कर एकाउंटेंट चले गए।
जबकि लिपिक अशोक सिंह व बीपीएम पीयूष श्रीवास्तव आशा कार्यकर्ताओं से बाहर निकालने के लिए प्रार्थना करते रहे लेकिन आशा कार्यकर्ताओं ने एक न सुनी। वे किसी उच्चाधिकारी के लिखित आश्वासन पर ही ताला खोलने पर राजी हो रही थीं। बाद में मौके पर पहुंचे चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने आशा कार्यकर्ताओं को लिखित आश्वासन दिया। तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी। इस मौके पर आशा कार्यकर्ता रेशमा यादव, चंदा सिंह, मीरा सिंह, ललित गुप्ता, पूनम सिंह, विद्यावती, अंजू मौजूद रही।