फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एंबुलेंस के चालकों एवं ईएमटी से पूछताछ, जल्द गिर सकती है गाज

विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। मुनीमपुर हादसे के मामले में प्रशासन की जांच तेज हो गई है और जल्द ही इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। बुधवार को बादली एसडीएम विशाल ने एंबुलेंस चालकों और ईएमटी को जांच के लिए बुलाया था जहां उनके बयान दर्ज किए गए।
विज्ञापन


वहीं, प्रशासन ने जांच के लिए हादसे वाले दिन सभी एंबुलेंस में लगे जीपीएस की लोकेशन डिटेल और मौके पर पहुंची एंबुलेंस की सीसीटीवी फुटेज भी ले ली है।

मुनीमपुर गांव में 19 जुलाई की रात कुएं में गिरे बछड़े को बचाने के प्रयास में चार युवक कुएं में उतरे थे। कुएं के अंदर गैस बनने के कारण वे सांस नहीं ले पाए और बाहर नहीं निकल सके। सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची थी। इस घटना में चारों युवकों की मौत हो गई थी।

घटना के बाद ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लापरवाही के आरोप लगाए थे। ग्रामीणों का आरोप था कि मौके पर भेजी गई एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सुविधा नहीं थी और न ही कोई ईएमटी तैनात था। उनका कहना था कि समय पर बचाव कार्य होता और एंबुलेंस में उचित सुविधाएं उपलब्ध होतीं तो युवकों की जान बचाई जा सकती थी।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया था कि कुएं से निकाले गए चौथे युवक को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची, जिसके बाद उसे पुलिस की पीसीआर से नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया।

फ्लीट मैनेजर और ऑपरेटर की होती है जिम्मेदारी

किसी भी हादसे के बाद मौके पर एंबुलेंस भेजने की जिम्मेदारी फ्लीट मैनेजर और कंट्रोल रूम ऑपरेटर की होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद मौके पर किलकारी एंबुलेंस भेजी गई, जबकि इसका उपयोग केवल डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा को घर छोड़ने के लिए किया जाता है। नियमों के अनुसार इसका प्रयोग केवल दिन के समय किया जाता है।

वर्जन

बुधवार को मामले की सुनवाई के लिए चालकों और ईएमटी को बुलाया गया था। इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


विशाल, एसडीएम, बादली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें