इन आठ बम धमाकों में 73 लोगों की मौत हो गई थी और 186 लोग घायल भी हो गए थे। कई तो ऐसे जो जिंदगीभर के लिए अपाहिज हो गए। हैरानी की बात तो यह है कि बम ब्लास्ट में अपनों को खोने वाले लोग 14 साल बाद भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं। बम धमाकों के दोषियों की 20 दिसंबर 2019 को फांसी की सजा दी गई, लेकिन फांसी का फंदा आज भी उनसे दूर है।
निर्दोष और मासूमों की हत्या के दोषी मोहम्मद सैफ उर्फ करीऑन, सरवर आजमी, सैफुर उर्फ सैफुर्रहमान और मोहम्मद सलमान जेल में बंद हैं। इन अभियुक्तों की लीव टू अपील और राज्य सरकार के डेथ रेफरेंस पर पिछले दो साल से कोर्ट में सुनवाई लंबित चल रही है। कोरोनाकाल में इस केस की सुनवाई नहीं हो पाई थी।
यही नहीं बम ब्लास्ट मे नामजद तीन आतंकी मिर्जा शादाब बेग, साजिद बट और मोहम्मद खालिद 14 साल बाद भी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस सहित तमाम सुरक्षा एजेंसियां आज तक इन तीनों आतंकियों केा गिरफ्तार नहीं कर पाई हैं।
13 मई 2018 को 12 मिनट में फटे आठ बम
- खंदा माणक चौक के पास शाम 7:20 पहला बम ब्लास्ट पर हुआ। इसमें एक महिला की मौत और 18 लोग घायल हो गए थे।
- त्रिपोलिया बाजार स्थित बड़ी चौपड़ के समीप मनिहारों के खंदे में ताला चाबी वालों की दुकान के पास शाम 7:25 पर दूसरा बम ब्लास्ट हुआ। इसमें 6 की मौत और 27 लोगों हो गए थे।
- छोटी चौपड़ पर कोतवाली थाने के बाहर पार्किंग में शाम 7:30 बजे तीसरा बम फटा। इसमें दो पुलिसकर्मियों सहित सात लोगों की मौत और 17 घायल हो गए थे।
- त्रिपोलिया बाजार में दुकान नंबर 346 के सामने शाम 7:30 बजे चौथा बम ब्लास्ट हुआ। इसमें 5 लोगों की मौत हुई, जबकि 4 लोग घायल हुए थे।
- चांदपोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के बाहर पार्किंग में शाम 7:30 बजे पांचवा बम फटा। इसमें सबसे अधिक 25 लोगों की मौत हुई और 49 घायल हो गए थे।
- जोहरी बाजार में नेशनल हैंडलूम के सामने 7:30 बजे छठा धमका हुआ। इसमें आठ की मौत और 19 लोग घायल हो गए थे।
- छोटी चौपड़ पर फूलों के खंदे में ज्वेलरी शॉप के सामने शाम 7:32 पर सातवां बम ब्लास्ट हुआ। इसमें दो की मौत और 15 लोग घायल हो गए थे।
- जोहरी बाजार में सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर के बाहर 7:32 पर आठवां बम धमाका हुआ। इसमें 17 की मौत और 36 लोग घायल हो गए थे।
- चांदपोल बाजार स्थित दुकान नंबर 17 के सामने रात 9:00 बजे का टाइमर सेट किया हुआ बम खोज लिया गया था। जिसे बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया था।