संभाग में मरीजों को सस्ती दवाइयां देने के दावे किए गए हैं। इस कड़ी में दस जिला अस्पतालों समेत उपजिला चिकित्सा केंद्रों पर चौबीस घंटे चलने वाली 55 दुकानें स्थापित की जा रही हैं।
जम्मू-कश्मीर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की ओर से इस प्रोजेक्ट के लिए 21.5 करोड़ रुपये का टेंडर किया गया है।
इन दुकानों पर बाजार से दस फीसदी कम दामों पर मरीजों को दवाई देना तय हुआ है। इसके अलावा 232 जन औषधि की दवाइयां पचास फीसदी कम दामों पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। कारपोरेशन के एमडी डा. यशपाल शर्मा के अनुसार अगले कुछ माह में सभी दुकानें काम करना शुरू कर देंगी। टेंडरिंग में आई राशि से अस्पतालों की सेनिटेशन व्यवस्था को दुरुस्त बनाने पर काम किया जाएगा।
इन दुकानों के लिए अस्पतालों में 400 स्क्वेयर फीट जगह उपलब्ध करवाई जा रही है। इसमें डबल शिफ्ट में स्टाफ काम करेगा। टेंडरिंग में तीन साल का अनुबंध किया गया है। शहर के अस्पतालों में मेडिकल कालेज जम्मू, सुपर स्पेशलिटी, साइक्रेटरी, एसएमजीएस, डेंटल और सीडी अस्पतालों में ये दुकानें स्थापित की जा रही हैं। इन दुकानों के ढांचे के निर्माण पर काम शुरू हो गया है। टेंडरिंग से आई राशि से अस्पतालों में आउटसोर्स सेनिटेशन व्यवस्था करके सफाई को बढ़ावा दिया जाएगा।
हालांकि, इन दुकानों को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है। जीएमसी में मरीज के साथ पहुंचे तीमारदार रोशन दीन ने कहा कि ऐसी दुकानें मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं, लेकिन यह सुनिश्चित बनाया जाए कि उन्हें जो दवाइयां उपलब्ध करवाई जाएंगी वे उच्च गुणवत्ता के साथ उनके रखरखाव की सही व्यवस्था हो।